रविवार, 1 नवंबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट

फडणवीस का पलटवार, बोले - शाह का पूरा भाषण सुना होता तो ऐसी टिप्पणी न होती

फडणवीस का पलटवार, बोले - शाह का पूरा भाषण सुना होता तो ऐसी टिप्पणी न होती तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
सियासत PT24 टीम

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के हिंदी भाषा को लेकर दिए बयान पर महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है। ठाकरे गुट और मनसे की तरफ से अमित शाह के रुख पर तीखी टिप्पणियां की गईं, जिसके बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विरोधियों को सीधा जवाब दिया है। फडणवीस ने कहा कि अगर अमित शाह का पूरा भाषण सुना गया होता तो ऐसी आलोचना होती ही नहीं। उन्होंने कहा, "अमित शाह का पूरा भाषण सुना होता तो ऐसी आलोचना हुई ही नहीं होती. उनका पूरा भाषण सुना होता तो इनके मुंह काले हो गए होते," यानी पूरा भाषण सुना होता तो आलोचकों के मुंह काले हो जाते।

यह विवाद नवी मुंबई में हुए राजभाषा सम्मेलन में अमित शाह की तरफ से हिंदी को लेकर रखे गए विचारों के बाद शुरू हुआ। शाह ने कहा था कि महाराष्ट्र देश की सबसे बड़ी बहुभाषिक भूमि है और मातृभाषा के साथ दूसरी राष्ट्रीय भाषा सीखने का विरोध करना ठीक नहीं है। इस बयान के बाद महाराष्ट्र में आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।

इस पूरे मामले पर बोलते हुए फडणवीस ने विरोधियों को अमित शाह का पूरा भाषण सुनने की सलाह दी। फडणवीस के मुताबिक, महाराष्ट्र में मराठी भाषा का क्या महत्व है और मातृभाषा का क्या स्थान है, यह बात अमित शाह ने अपने भाषण में साफ कर दी थी। फडणवीस ने यह भी स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र के लोग बहुभाषिक हैं, इसका मतलब यह नहीं कि उनकी मातृभाषा बदल जाती है। उन्होंने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा, "सिलेक्टिव सुनना और उस पर टिप्पणी करना, यह ठीक नहीं है," यानी चुनिंदा हिस्सा सुनकर उस पर टिप्पणी करना ठीक नहीं है।

इसी बीच मनसे प्रमुख राज ठाकरे की सोशल मीडिया पोस्ट भी खूब चर्चा में है। राज ठाकरे ने कम शब्दों में पोस्ट करते हुए लिखा, "कौवे के शाप से गाय नहीं मरती. फिलहाल इतना ही" यानी कौवे के शाप से गाय नहीं मरती, फिलहाल इतना ही। यह पोस्ट अमित शाह के राजभाषा सम्मेलन वाले बयान के बाद आई है, इसलिए इसका इशारा किसकी तरफ है, इसे लेकर राजनीतिक हलकों में तरह तरह की चर्चाएं चल रही हैं।

मनोज जरांगे पाटील के मुंबई में प्रस्तावित आंदोलन को पुलिस की तरफ से परमिशन न दिए जाने के मुद्दे पर भी फडणवीस ने अपना रुख साफ किया। उन्होंने कहा कि कानून और व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है। फडणवीस के मुताबिक, जरांगे ने दोबारा आवेदन दिया है और उस पर गुण दोष के आधार पर फैसला लिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि गणेशोत्सव के दौरान मुंबई और पुणे में भारी भीड़ रहती है, इसलिए इस समय कानून व्यवस्था का मुद्दा अहम है।

#नागपुर#सियासत#PT24#Politics#Nagpur

विज्ञापन

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप 'आप' पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे