हिंदी दिवस कार्यक्रम में फडणवीस बोले, मराठी मां तो हिंदी मौसी जैसी
नवी मुंबई के वाशी में हिंदी दिवस और अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन के मौके पर सीएम फडणवीस ने मराठी और हिंदी के रिश्ते पर बयान दिया
नवी मुंबई के वाशी स्थित सिडको एक्झिबिशन सेंटर में हिंदी दिवस और अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन के मौके पर एक खास कार्यक्रम रखा गया था। इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे समेत कई बड़े नेता मौजूद रहे। इसी वजह से इस कार्यक्रम पर राजनीतिक और सामाजिक दोनों हलकों की नजर थी।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हिंदी और मराठी भाषा के आपसी रिश्ते पर अपनी बात रखी। हिंदी भाषा को राजभाषा का दर्जा देने की प्रक्रिया का जिक्र करते हुए उन्होंने मातृभाषा की अहमियत पर जोर दिया। फडणवीस ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा है कि हर किसी को अपने राज्य की मातृभाषा सीखनी चाहिए, क्योंकि मातृभाषा से मिलने वाला ज्ञान और समझ किसी दूसरी भाषा से उतनी आसानी से नहीं मिलती।
फडणवीस ने मुंशी प्रेमचंद के हिंदी साहित्य का हवाला देते हुए हिंदी भाषा की समृद्ध परंपरा का भी जिक्र किया। उन्होंने यह भी कहा कि मातृभाषा के साथ-साथ कम से कम एक और भाषा जरूर सीखनी चाहिए।
फडणवीस के एक बयान की खासी चर्चा रही। उन्होंने कहा, मराठी भाषा मेरी मां है, तो हिंदी भाषा मेरी मौसी है। उन्होंने कहा कि जैसे मां के साथ मौसी का भी सम्मान होता है, वैसे ही उन्हें दोनों भाषाओं के प्रति आदर है।
इसी दौरान उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी अपने भाषण में अमित शाह की तारीफ की। शिंदे ने कहा कि जो नामुमकिन लगता था, वह अमित शाह ने मुमकिन कर दिखाया, और इस बात के साथ उन्होंने अनुच्छेद 370 हटाए जाने का जिक्र किया।
शिंदे ने कहा कि हिंदी और मराठी सिर्फ देवनागरी लिपि की भाषाएं नहीं हैं, बल्कि ये गर्व की बात हैं। उन्होंने संत नामदेव की रचनाओं का हवाला देते हुए दोनों भाषाओं के बीच पुराने रिश्ते को भी रेखांकित किया।
अमित शाह कल से मुंबई के दौरे पर हैं और गणेशोत्सव के चलते उनके इस दौरे पर भी राजनीतिक हलकों की नजर है। इस वजह से हिंदी दिवस का यह कार्यक्रम सिर्फ भाषा तक सीमित न रहकर राजनीतिक तौर पर भी चर्चा का विषय बन गया है।
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