पांच दिन में सोना करीब 3 फीसदी चढ़ा, पर जानकार बोले जल्दबाजी में खरीद ठीक नहीं
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अचानक आई बड़ी गिरावट के बाद भारत में सोने के दाम फिर ऊपर गए हैं। जानकारों के मुताबिक कुछ दिन की तेजी को लंबी तेजी की शुरुआत मानना जल्दबाजी होगी।
भारत में सोने के दाम एक बार फिर चढ़ने लगे हैं। पहले अचानक बड़ी गिरावट आई थी, उसके बाद पिछले पांच दिन के कारोबार में सोना करीब 3 फीसदी महंगा हुआ है। लगातार बढ़ते भाव देखकर लोग पूछ रहे हैं कि क्या कीमतें फिर उछाल मारेंगी और क्या अभी निवेश करने का सही वक्त है।
जानकारों की राय है कि कुछ दिन की बढ़त को सोने में नई और लंबी तेजी की शुरुआत मान लेना जल्दबाजी होगी। हाल की बढ़त के बावजूद निवेशकों को सावधान रहना ही चाहिए। भारत में दिवाली और धनतेरस जैसे त्योहारों के वक्त सोने की मांग बढ़ती है और उसका असर भाव पर भी पड़ता है। फिर भी कुछ दिन की तेजी से यह नहीं कहा जा सकता कि बाजार में लंबी तेजी लौट आई है। दुनिया की आर्थिक हालत भी सोने की कीमतों के लिए एक चुनौती बन सकती है।
आंकड़ों के मुताबिक 1 जनवरी 2026 को भारत में सोने का भाव प्रति 10 ग्राम करीब 1,32,941 रुपये था। 6 नवंबर तक यह अंदाजन 1,41,032 रुपये तक पहुंच गया। यानी इस साल अब तक सोना करीब 6 फीसदी चढ़ा है।
थोड़ा पीछे जाएं तो नवंबर 2022 में सोने का औसत भाव प्रति 10 ग्राम करीब 50,000 रुपये था। जनवरी 2026 में भाव ने 1.76 लाख रुपये का उच्चतम स्तर छुआ। इसका मतलब है कि पिछले कुछ साल में सोने ने लंबी अवधि में शानदार रिटर्न दिया है।
अब नजर अमेरिका के फेडरल रिजर्व पर है। बाजार का अंदाजा है कि फेडरल रिजर्व के दिसंबर में ब्याज दर बढ़ाने की 70 फीसदी संभावना है। ब्याज दर बढ़ी तो निवेशकों को सोने के मुकाबले ब्याज देने वाले विकल्प ज्यादा आकर्षक लग सकते हैं, और इसका असर सोने की मांग पर पड़ सकता है।
निवेशकों को भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल के दाम, महंगाई, ब्याज दर, बॉन्ड पर रिटर्न और अमेरिकी डॉलर पर नजर रखनी चाहिए। ये सारी चीजें एक दूसरे से जुड़ी हैं और इनमें बदलाव से सोने के भाव ऊपर नीचे हो सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का कारोबार अमेरिकी डॉलर में होता है। इसलिए डॉलर मजबूत हुआ तो सोने के दाम पर दबाव आ सकता है, जबकि कमजोर डॉलर सोने को सहारा देता है। कच्चा तेल भी अहम है। अभी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का भाव प्रति बैरल करीब 98 डॉलर है। तेल के दाम ऊंचे रहे तो महंगाई का खतरा बढ़ता है, और तब केंद्रीय बैंक ब्याज दरों पर सख्त रुख अपना सकते हैं।
जानकारों का कहना है कि सिर्फ पांच दिन की तेजी देखकर सोने में पैसा लगाने की जल्दी न करें। सोने को लेकर लंबी अवधि की उम्मीदें सकारात्मक हैं, लेकिन नजदीकी वक्त में बाजार में उतार चढ़ाव हो सकता है। निवेश से पहले अपनी जरूरत, जोखिम उठाने की क्षमता और वित्तीय सलाह पर गौर करना जरूरी है।
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