शनिवार, 7 नवंबर 2026

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मैसूर चिड़ियाघर की टीम ने देखा राणी बाग का पेंग्विन कक्ष, पेंग्विन भेजने पर विचार

मैसूर चिड़ियाघर की टीम ने देखा राणी बाग का पेंग्विन कक्ष, पेंग्विन भेजने पर विचार तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
शहर PT24 टीम

कर्नाटक के श्री चामराजेंद्र प्राणिसंग्रहालय का प्रतिनिधिमंडल भायखला के राणी बाग पहुंचा था। अभी कोई औपचारिक प्रस्ताव नहीं आया है।

भायखला के वीरमाता जिजाबाई भोसले वनस्पति उद्यान और प्राणिसंग्रहालय, यानी राणी बाग के मशहूर हम्बोल्ट पेंग्विन आने वाले समय में मैसूर के चिड़ियाघर में भी देखने को मिल सकते हैं। इसकी संभावना जताई जा रही है। कर्नाटक के श्री चामराजेंद्र प्राणिसंग्रहालय (मैसूर चिड़ियाघर) का एक प्रतिनिधिमंडल हाल ही में राणी बाग आया था।

इस प्रतिनिधिमंडल में इंजीनियर, पशु चिकित्सा अधिकारी और जानवरों की देखभाल करने वाले कर्मचारी शामिल थे। टीम ने पेंग्विनों के रहने की जगह देखी, उनकी देखभाल का तरीका समझा और यह भी जाना कि पूरा कामकाज कैसे संभाला जाता है। पेंग्विनों के लिए माकूल माहौल कैसे बनाया जाता है, उनकी सेहत का ख्याल कैसे रखा जाता है और उनके रहने की जगह की देखरेख कैसे होती है, इन सब की जानकारी उन्होंने ली।

मैसूर चिड़ियाघर में हम्बोल्ट पेंग्विन लाने के साथ-साथ एक मत्स्यालय यानी एक्वेरियम बनाने की संभावनाओं पर भी विचार चल रहा है।

नगर निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह दौरा करीब महीने भर पहले हुआ था। उनके मुताबिक मैसूर चिड़ियाघर की तरफ से अब तक कोई औपचारिक प्रस्ताव नहीं मिला है। यानी बात अभी जानकारी जुटाने के स्तर पर ही है।

राणी बाग देश का अकेला चिड़ियाघर है जहां हम्बोल्ट पेंग्विन रखे गए हैं। साल 2017 में दक्षिण अफ्रीका से 8 हम्बोल्ट पेंग्विन यहां लाए गए थे। उनमें से एक पेंग्विन की उसी वक्त मौत हो गई थी, इसलिए इस कक्ष में सात पेंग्विन रह गए थे। बाद में पेंग्विनों की जोड़ियों से बच्चे हुए और पिछले छह सालों में उनकी तादाद बढ़कर 25 हो गई है।

अगर मुंबई और मैसूर के चिड़ियाघरों के बीच जानवरों की अदला-बदली का प्रस्ताव फाइनल हो जाता है, तो राणी बाग के इतिहास में यह पहली बार होगा कि यहां के पेंग्विन किसी दूसरे चिड़ियाघर को भेजे जाएंगे।

इसके बदले मैसूर से ऐसी प्रजातियां मुंबई लाई जा सकती हैं जो फिलहाल राणी बाग में नहीं हैं। कहा जा रहा है कि इनमें ज़ेब्रा और जिराफ जैसे जानवर हो सकते हैं। यह फिलहाल अनुमान ही है, क्योंकि प्रस्ताव अभी आया ही नहीं है और आगे का फैसला उसी पर टिका है।

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