नेरळ में रेबीज जागरूकता साइकिल रैली, दो हजार पर्चे बांटे
विश्व रेबीज दिवस पर नेरळ के स्कूली बच्चों ने साइकिल रैली निकालकर रेबीज को लेकर लोगों को जागरूक किया और दो हजार पर्चे बांटे।
नेरळ की विद्या विकास स्कूल के बच्चों ने आज, 28 सितंबर को विश्व रेबीज दिवस के मौके पर साइकिल रैली निकालकर रेबीज के खिलाफ जनजागृति की। यह रैली नेरळ पुलिस स्टेशन से शुरू हुई, जहां पुलिस अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर बच्चों को रवाना किया।
साइकिल रैली में हिरेन हिसालके, आर्यन रवींद्र देशमुख, विघ्नेश देवानंद कदम, श्रेया सुरेश पारटे, वंश और रोशन धुळे शामिल थे। ये बच्चे साइकिल लेकर अलग-अलग स्कूलों में जाकर रेबीज को लेकर जागरूकता फैलाते रहे। विद्या विकास स्कूल के बच्चों ने कई स्कूलों में जाकर यह मुहिम चलाई।
रेबीज एक बेहद गंभीर बीमारी है, लेकिन समय पर बचाव इलाज मिल जाए तो इससे बचा जा सकता है। दुनियाभर में हर साल करीब 59,000 मौतें रेबीज की वजह से होती हैं। इसी गंभीर मुद्दे को ध्यान में रखते हुए साइकिलिस्ट हिरेन हिसालके ने अपने साथी छात्रों के साथ मिलकर यह संदेश लोगों तक पहुंचाने के लिए साइकिल रैली के जरिए जागरूकता अभियान चलाया।
बच्चों ने अपनी साइकिलों पर रेबीज से जुड़ी जानकारी के बैनर लगाए हुए थे और रैली के दौरान लोगों को जागरूक किया। साथ ही परिचित लोगों को फोन करके उन्हें बताया गया कि रेबीज क्या है, इसके लक्षण क्या होते हैं, कुत्ता काट ले या खरोंच लगे तो क्या इलाज करना चाहिए, इस बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इसके अलावा रेबीज से बचाव के लिए वैक्सीनेशन कैसे किया जाता है, इसकी भी जानकारी लोगों को दी गई।
इस मुहिम के तहत करीब दो हजार पर्चे बांटे गए। इस अभियान के दौरान बच्चों ने नेरळ विद्या मंदिर, विद्या विकास मंदिर, जिला परिषद स्कूल वाल्मीकीनगर और जिला परिषद स्कूल नेरळ एक, इन सभी स्कूलों में जाकर रेबीज को लेकर जानकारी दी। इसी दौरान बच्चों ने भटकते कुत्तों के मुद्दे पर हस्ताक्षर अभियान भी चलाया।
नेरळ शहर में भटकते कुत्तों की बढ़ती संख्या और इससे जुड़ी नागरिकों की सुरक्षा को देखते हुए विद्या विकास स्कूल के बच्चों ने यह अनोखी पहल की, जिसकी शहर में खूब तारीफ हो रही है। इस पूरे अभियान में स्कूल की मुख्याध्यापिका शैलेजा निकम और विनया काकडे तथा अभिभावक राम हिसाळके ने बच्चों का मार्गदर्शन किया।