नवी मुंबई पुलिस में बड़े फेरबदल के आसार, 11 सीनियर इंस्पेक्टर एसीपी चयन सूची में
महाराष्ट्र पुलिस की प्रमोशन प्रक्रिया के तहत नवी मुंबई आयुक्तालय के 11 वरिष्ठ पुलिस निरीक्षकों का नाम एसीपी पद की चयन सूची में आया है। रबाळे, वाशी, नेरूळ और पनवेल शहर जैसे अहम थानों की कमान बदल सकती है।
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महाराष्ट्र पुलिस में प्रमोशन की जो प्रक्रिया चल रही है, उसी के तहत नवी मुंबई पुलिस आयुक्तालय में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल होने की संभावना है। आयुक्तालय के 11 वरिष्ठ पुलिस निरीक्षकों को पुलिस उपअधीक्षक / सहायक पुलिस आयुक्त यानी एसीपी पद की चयन सूची में, यानी पात्रता सूची में, शामिल किया गया है।
इस घटनाक्रम का सीधा असर कई संवेदनशील और अहम पुलिस थानों पर पड़ेगा। रबाळे एमआयडीसी, रबाळे, वाशी, सानपाडा, नेरूळ, एनआरआई सागरी, खारघर, उलवे, खांदेश्वर और पनवेल शहर थानों का नेतृत्व बदलेगा। चयन और सेवा पुस्तिका की जांच पूरी होने के बाद ये जगहें खाली होंगी। फिर इन अहम कुर्सियों पर कौन से नए अधिकारी आते हैं, इस पर पूरे नवी मुंबई पुलिस दल की नजर टिकी है।
चयन सूची में शामिल प्रमुख अधिकारियों और उनके मौजूदा थानों का ब्योरा इस तरह है। बाळकृष्ण साहेबराव सावंत रबाळे थाने में हैं। देविदास प्रभाकर काटाळे रबाळे एमआयडीसी थाने में, शशिकांत शिवाजीराव चांदेकर वाशी थाने में और दीपक विजय सुर्वे सानपाडा थाने में तैनात हैं। अजय पांडुरंग कांबळे नेरूळ थाने में हैं, जबकि सुनील आनंदा वाघमारे एनआरआई सागरी थाने में हैं। अर्जुन रामकृष्ण रजाणे उलवे थाने में, संजय वामन जोशी खारघर थाने में, स्मिता वाल्मीक ढाकणे खांदेश्वर थाने में और बाळा रघुनाथ कुंभार पनवेल शहर थाने में हैं। औदुंबर भालचंद्र पाटील क्राइम ब्रांच के सेल 3 में काम कर रहे हैं।
ट्रैफिक और दूसरी शाखाओं के अधिकारी भी सूची में हैं। कोपरखैरणे ट्रैफिक शाखा के राजेश रुद्रममी नंदीमठ, खारघर ट्रैफिक शाखा की गुलफरोज मौला आली मुजावर और तुर्भे एमआयडीसी ट्रैफिक शाखा के अजय पांडुरंग भोसले का नाम इसमें है। इनके अलावा साइड ब्रांच और ट्रैफिक शाखा में काम करने वाले संतोषकुमार श्रीमंदार काणे, अविनाश एकनाथ काळदाते, तानाजी रामदास भगत, सतीश संभाजीराव कदम, नंदकिशोर मुरलीधर बधे, वैशाली अशोक गलांडे, शत्रुघन देविदास माळी, ब्रह्मानंद रावसाहेब नाईकवाडी, प्रदीप रामनाथजी लांडे, महेशकुमार प्रल्हाद सरतापे और तानाजी महादेव नारनवर के नाम भी लिस्ट में दर्ज हैं।
प्रमोशन की अंतिम चयन सूची जारी होने से पहले सभी संबंधित अधिकारियों की सेवा पुस्तक, गोपनीय रिपोर्ट, लंबित विभागीय जांच और दूसरे कानूनी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही पात्र अधिकारियों की आखिरी प्रमोशन सूची निकाली जाएगी।
सूची आ चुकी है, फिर भी निजी या तकनीकी वजहों से कुछ अधिकारियों के प्रमोशन ठुकराने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस महकमे में चर्चा है कि नियमों के मुताबिक जो अधिकारी प्रमोशन से मना करेंगे, उन्हें आगे चलकर साइड ब्रांच, यानी कम अहमियत वाली शाखाओं में लगाया जा सकता है। तबादलों और प्रमोशन की यह पूरी प्रक्रिया दिसंबर तक निपटने की उम्मीद है। उसके बाद खाली होने वाले इन अहम थानों की जिम्मेदारी पुलिस आयुक्त मिलिंद भारंबे किन नए और तेज अधिकारियों को सौंपते हैं, यह देखना दिलचस्प होगा।