नमक के पानी से नहाने का बढ़ता क्रेज, जानिए इसके पीछे की सच्चाई
थकान मिटाने और त्वचा साफ करने के लिए कई घरों में नहाने के पानी में नमक मिलाया जाता है, लेकिन इसके फायदे कितने असली हैं, यह जानना जरूरी है।
दिनभर की भागदौड़ के बाद शरीर को आराम की सख्त जरूरत होती है। रात में अच्छी नींद आए, इसके लिए बहुत से लोग सोने से पहले नहाना पसंद करते हैं। नहाने से दिनभर की गंदगी, पसीना और चिपचिपाहट धुल जाती है और शरीर ताजा महसूस होता है। कुछ लोगों को गरम पानी से नहाना अच्छा लगता है तो कुछ ठंडे पानी से नहाते हैं। इन दिनों एक और चलन तेजी से बढ़ रहा है, वह है नहाने के पानी में नमक मिलाना। कहा जाता है कि इससे शरीर पर जमे कीटाणु खत्म होते हैं, तनाव कम होता है और सेहत में सुधार आता है।
नमक मिले पानी से नहाना कई घरों में पुराने समय से चलती आ रही आदत है। कोई इसे थकान मिटाने के लिए इस्तेमाल करता है, कोई शरीर को आराम देने के लिए और कोई त्वचा की सफाई के लिए। लेकिन इसके पीछे की सच्चाई क्या है, यह समझना जरूरी है।
कोमट यानी गुनगुने पानी से नहाने पर मांसपेशियों को आराम मिलता है, यह बात सही है। पानी में नमक डालने से कुछ लोगों को नहाने का अनुभव ज्यादा सुखद लगता है। मगर मांसपेशियों के दर्द या थकान पर सिर्फ नमक का कितना असर होता है, इसके पक्के सबूत बहुत कम हैं। इस आराम के पीछे गुनगुने पानी और शरीर को मिलने वाली विश्राम की भूमिका बड़ी हो सकती है।
कुछ तरह के नमक वाले स्नान से त्वचा पर जमी मरी हुई कोशिकाएं और रूखी परत मुलायम होने में मदद मिल सकती है। खनिजयुक्त कुछ खास स्नान पद्धतियों पर त्वचा की कुछ समस्याओं को लेकर अध्ययन भी हुए हैं। लेकिन घर के सामान्य नमक वाले पानी से हर तरह की स्किन प्रॉब्लम ठीक हो जाएगी, यह कहना सही नहीं है।
सोरायसिस जैसी कुछ खास त्वचा की बीमारियों या कुछ तरह की खुजली में डॉक्टर की सलाह पर नमक के स्नान का इस्तेमाल किया जाता है। मगर ऐसे इलाज में नमक किस तरह का है, पानी में उसकी मात्रा कितनी है और साथ में कौन सा और उपचार चल रहा है, यह सब बहुत मायने रखता है। घर पर खुद से नमक डाल कर नहाने से त्वचा की बीमारी ठीक हो जाएगी, यह दावा सही नहीं ठहरता।
गुनगुने पानी में कुछ देर बैठने या नहाने से मन को शांति मिल सकती है और दिन की थकान कुछ हल्की लगने लगती है। लेकिन यह असर मुख्य रूप से आराम और रिलैक्सेशन से जुड़ा है। नमक की वजह से मानसिक तनाव या चिंता कम होती है, यह अभी पक्के तौर पर साबित नहीं हुआ है।
जिन लोगों को एक्जिमा है, जिनकी त्वचा बहुत संवेदनशील है, जिनके शरीर पर खुला जख्म है, स्किन इंफेक्शन है या डायबिटीज की वजह से पैरों की त्वचा में परेशानी है, उन्हें नमक के पानी से नहाने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर रहेगा। नहाते वक्त त्वचा में जलन, लालिमा या खुजली बढ़े तो इसे इस्तेमाल करना तुरंत बंद कर देना चाहिए।