नकाब भी नहीं बचा पाया नागपुर के कथित चोर को, 80 CCTV कैमरे और चाल से पुलिस ने पकड़ा
नागपुर पुलिस ने नकाबपोश कथित घुसपैठिए को 80 CCTV कैमरों और चाल के विश्लेषण से पकड़ा।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
नागपुर पुलिस ने गिट्टीखदान थाना इलाके में एक घर में घुसकर बुजुर्ग महिला को घायल करने और लूट करने के आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वारदात के वक्त उसने चेहरे पर नकाब लगा रखा था। चेहरा छिपा होने की वजह से पुलिस उसे पहचान नहीं पा रही थी, इसलिए जांच करने वालों ने उसके चलने के ढंग और शरीर की हरकतों का सहारा लिया। इस पूरी पड़ताल में करीब 80 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई।
आरोपी की पहचान मानकापुर के किराड लेआउट में रहने वाले 35 साल के क्लेमेंट उर्फ रोहित यूजीन पिल्लै के रूप में हुई है। आरोप है कि उसने राजा शरीफ की बुजुर्ग मां पर हमला किया था, जिनके घर को निशाना बनाया गया। इस गिरफ्तारी को जांच में बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। उसे रविवार रात गिरफ्तार किया गया।
पुलिस को शक है कि इसी आदमी ने गड्डीगोदाम इलाके में भी एक बुजुर्ग महिला के घर में घुसने की कोशिश की थी। महिला के चिल्लाने पर पकड़े जाने के डर से वह भाग गया। पुलिस अब देख रही है कि क्या दोनों वारदातें आपस में जुड़ी हैं और क्या आरोपी ऐसे दूसरे मामलों में भी शामिल रहा है।
क्राइम ब्रांच यूनिट-2 ने पुलिस निरीक्षक शुभांगी देशमुख की अगुवाई में समानांतर जांच की। बताया गया है कि तकनीकी सबूत, CCTV फुटेज और आरोपी की हरकतों के विश्लेषण से उसका सुराग मिला।
नकाब से चेहरा छिप गया था, इसलिए आम तरीके से पहचान करना मुश्किल था। पुलिस ने वारदात की जगह और आसपास के इलाके की रिकॉर्डिंग देखकर घुसपैठिए के रास्ते जोड़ने की कोशिश की। टीम ने करीब 80 कैमरों की फुटेज देखी और यह समझने की कोशिश की कि वह घर में घुसने से पहले और निकलने के बाद किन रास्तों से गुजरा होगा।
अलग-अलग जगहों की रिकॉर्डिंग मिलाकर ऐसे शख्स को ढूंढा गया जिसकी हरकतें और कद-काठी वारदात की जगह के पास दिखे आदमी से मेल खाती थीं। यह भी देखा गया कि वह किस दिशा से आया और कौन से रास्ते उसने पकड़े। चलने के तरीके और शरीर की हरकतों से जांच को एक और सिरा मिला, और इसी तकनीकी विश्लेषण से पुलिस पिल्लै तक पहुंची। इसके बाद मौजूद सबूतों के आधार पर मामला आगे बढ़ाया गया।
गेट एनालिसिस यानी चाल का विश्लेषण क्या है? इसमें देखा जाता है कि कोई आदमी कैसे चलता है। जांच करने वाले कदम की लंबाई, चलने की रफ्तार, पैरों की हरकत, शरीर की मुद्रा और चलने की लय को वीडियो रिकॉर्डिंग में मिलाते हैं। चेहरा ढका हो तो ये बातें जांच के लिए काम की कड़ी बन सकती हैं। अलग-अलग कैमरों की फुटेज से देखा जा सकता है कि एक जगह दिखे आदमी की चाल दूसरी जगह दिखे आदमी से मिलती है या नहीं।
हालांकि सिर्फ चाल का विश्लेषण पहचान या अपराध में शामिल होने का पक्का सबूत नहीं होता। जूते-चप्पल, कपड़े, जमीन, चोट और कैमरे के एंगल से चलने का ढंग बदल सकता है। ऐसी पहचान को दूसरे सबूतों, गवाहों के बयान और जांच की बाकी बातों के साथ परखना पड़ता है। इस मामले में पुलिस ने इसे बड़ी जांच का हिस्सा बनाया, जिसमें CCTV की व्यापक पड़ताल और तकनीकी सबूत शामिल थे।
पुलिस के बयान के मुताबिक वारदात गिट्टीखदान थाना इलाके में राजा शरीफ के घर पर हुई। आरोप है कि घुसपैठिए ने घर में घुसकर शरीफ की बुजुर्ग मां को घायल किया और लूट की। घर के अंदर बुजुर्ग महिला को निशाना बनाए जाने से मामला गंभीर हो गया और पुलिस ने तलाश तेज कर दी। आसपास की संदिग्ध हलचल की जानकारी जुटाई गई और नजदीकी सड़कों व रिहायशी इलाकों की रिकॉर्डिंग देखी गई।
गड्डीगोदाम वाले मामले में पुलिस को जांच के दौरान जानकारी मिली कि पिल्लै ने कथित तौर पर एक और बुजुर्ग महिला के घर में घुसने की कोशिश की थी। बताया गया है कि महिला चिल्लाने लगी, जिससे दूसरों को खबर लग सकती थी, और पकड़े जाने के डर से आरोपी कथित तौर पर बिना अपना मकसद पूरा किए भाग निकला। पुलिस इस घटना के हालात देख रही है और उसके सबूतों को गिट्टीखदान की लूट के सबूतों से मिला रही है। दोनों में एक ही आदमी था या नहीं, यह जांच में पुख्ता करना होगा।
पुलिस आरोपी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी देखेगी और पता लगाएगी कि क्या उसका संबंध घरों में चोरी या बुजुर्गों पर हमलों के दूसरे मामलों से है। किसी और अपराध में उसकी भूमिका सबूतों से ही साबित करनी होगी।
इस जांच में क्राइम ब्रांच यूनिट-2 की निरीक्षक शुभांगी देशमुख और उनकी टीम शामिल रही। सहायक पुलिस निरीक्षक चेतन बोरखेड़े, उपनिरीक्षक मनोज राऊत और दूसरे कर्मचारियों ने भी योगदान दिया। टीम में हेड कॉन्स्टेबल नरेश तुमडाम, विजय यादव, प्रवीण शेलके, अर्जुन यादव, महेंद्र सदमाके, कमलेश गनेर, मंगल जाधव, संदीप पांडे, आशीष धांड्रे, संजीव दहीफले और कमलेश गहलोद थे। बताया गया है कि एसीपी जाधव ने मामला सुलझाने के लिए तकनीकी जांच और पेशेवर तरीकों के इस्तेमाल का श्रेय निरीक्षक देशमुख और उनकी टीम को दिया।
गिरफ्तारी के बाद भी जांच जारी है। पुलिस को राजा शरीफ के घर की घटनाओं का सिलसिला ठीक से तय करना है, कथित चोट और लूट के सबूत परखने हैं और गड्डीगोदाम की घटना में आरोपी की भूमिका का दायरा तय करना है। बुजुर्गों और उनके परिवारों को घर की बुनियादी सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए, संदिग्ध गतिविधि की जल्द सूचना देनी चाहिए और वारदात के बाद CCTV फुटेज संभालकर रखनी चाहिए।
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