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गिट्टीखदान में बुजुर्ग को घायल कर लूट का आरोपी क्लेमेंट उर्फ रोहित पिल्ले गिरफ्तार

गिट्टीखदान में बुजुर्ग महिला को घायल कर लूट के आरोपी को नागपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया।

गिट्टीखदान में बुजुर्ग को घायल कर लूट का आरोपी क्लेमेंट उर्फ रोहित पिल्ले गिरफ्तार तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

नागपुर पुलिस ने घरों में घुसकर वारदात करने के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामला गिट्टीखदान थाना क्षेत्र का है, जहां राजा शरीफ के घर में घुसकर उनकी बुजुर्ग मां को घायल करने और लूटपाट करने का आरोप है। पुलिस ने रविवार रात आरोपी को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान मानकापुर के किराड लेआउट निवासी क्लेमेंट उर्फ रोहित यूजीन पिल्ले (35) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने वारदात के वक्त चेहरे पर नकाब लगा रखा था, इसलिए उसकी पहचान करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया था।

वारदात के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की। आसपास के इलाकों में संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाई गई और घटनास्थल तथा आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग देखी गई। चेहरा ढंका होने की वजह से सिर्फ चेहरे के सहारे पहचान मुमकिन नहीं थी।

इसके बाद जांच टीम ने पुराने तरीकों के साथ तकनीकी विश्लेषण भी अपनाया। पुलिस ने अलग-अलग जगहों के करीब 80 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। संदिग्ध किस दिशा से आया, किस रास्ते से गुजरा और वारदात के बाद किधर गया, ये सब बातें देखी गईं। अलग-अलग कैमरों में कैद तस्वीरों और वीडियो की तुलना करके संदिग्ध की पहचान की कोशिश हुई।

इस जांच में पुलिस ने 'गेट एनालिसिस' यानी चाल-ढाल के विश्लेषण की मदद ली। इस तकनीक में किसी व्यक्ति के चलने के तरीके और शरीर की गतिविधियों को परखा जाता है। कदमों की रफ्तार, चलने की शैली और पैरों की चाल जैसी बातें देखकर वीडियो फुटेज की तुलना की जा सकती है। जब सीसीटीवी में चेहरा साफ न दिखे, तब यह जांच में काम आ सकती है। फिर भी सिर्फ चाल-ढाल के आधार पर किसी को दोषी नहीं माना जा सकता और दूसरे तकनीकी व परिस्थितिजन्य सबूतों से इसकी पुष्टि जरूरी होती है।

लगातार जांच के बाद पुलिस क्लेमेंट उर्फ रोहित यूजीन पिल्ले तक पहुंची। इसके बाद उसकी गतिविधियों और दूसरे उपलब्ध सबूतों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई।

जांच में एक और घटना सामने आई है। बताया गया कि इसी आरोपी ने गड्डीगोदाम परिसर में एक वृद्ध महिला के घर में भी घुसने की कोशिश की थी। वहां महिला के चीखने-चिल्लाने पर पकड़े जाने के डर से वह मौके से भाग निकला। पुलिस अब दोनों घटनाओं के आपसी संबंध की जांच कर रही है। यह भी देखा जा रहा है कि आरोपी ने किन हालात में इन घरों को निशाना बनाया और क्या वह पहले भी ऐसी वारदातों में शामिल रहा है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर उसके संभावित आपराधिक रिकॉर्ड और दूसरे मामलों में उसकी संलिप्तता की जानकारी जुटा सकती है, लेकिन दूसरी वारदातों में उसकी भूमिका जांच और सबूतों से ही तय होगी।

इस मामले में क्राइम ब्रांच यूनिट-2 की इंस्पेक्टर शुभांगी देशमुख और उनकी टीम ने समानांतर जांच शुरू की थी। टीम ने तकनीकी सबूतों, सीसीटीवी फुटेज और संदिग्ध की गतिविधियों का विश्लेषण कर जांच को आगे बढ़ाया। एसीपी जाधव ने बताया कि इंस्पेक्टर शुभांगी देशमुख और उनकी टीम ने कुशल तकनीकी जांच और पेशेवर तरीके से मामले का पर्दाफाश किया।

कार्रवाई में इंस्पेक्टर शुभांगी देशमुख के साथ एपीआई चेतन बोरखेड़े, पीएसआई मनोज राऊत, हेड कांस्टेबल नरेश तुमडाम, विजय यादव, प्रवीण शेलके, अर्जुन यादव, महेंद्र सड़माके, कमलेश गणेर, मंगल जाधव, संदीप पांडे, आशीष धंदरे, संजीव दहीफले और कमलेश गहलोद ने अहम भूमिका निभाई।

फिलहाल गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच का अगला चरण दोनों घटनाओं के संबंध, संभावित दूसरी वारदातों और उपलब्ध सबूतों की पुष्टि करना है।

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