नागपुर स्टेशन के वेस्ट गेट पर अंडरग्राउंड पार्किंग शुरू, जानिए कितना लगेगा पैसा
नागपुर रेलवे स्टेशन के पश्चिमी प्रवेश द्वार पर बनी अंडरग्राउंड पार्किंग 20 अक्टूबर से चालू हो गई है। इसमें कार और दोपहिया के लिए अलग जगह है।
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नागपुर रेलवे स्टेशन पर आने वाले यात्रियों को अब पश्चिमी गेट की भीड़भाड़ से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। करीब चार साल से इस गेट पर ट्रैफिक की दिक्कत बनी हुई थी। स्टेशन की नई अंडरग्राउंड पार्किंग 20 अक्टूबर से चालू हो गई है।
यह पार्किंग रेल लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (RLDA) ने बनाई है। नागपुर रेलवे स्टेशन रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट 487.77 करोड़ रुपये का है और यह उसका पहला हिस्सा है जो शुरू हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन 11 दिसंबर 2022 को किया था।
अंडरग्राउंड पार्किंग को बनने में 44 महीने लगे। अब इसे मध्य रेलवे के नागपुर डिवीजन को सौंप दिया गया है। इसमें कारों और दोपहिया गाड़ियों के लिए अलग पार्किंग है। यात्रियों को छोड़ने और लेने के लिए एक अलग जोन भी है, जहां आने-जाने पर नियंत्रण रखा जाएगा।
दोपहिया पार्किंग का चार्ज गाड़ी कितनी देर खड़ी रहती है, उस हिसाब से लगेगा। 2 घंटे तक 10 रुपये, 2 से 6 घंटे के 15 रुपये, 6 से 12 घंटे के 20 रुपये और 12 से 24 घंटे के 35 रुपये देने होंगे। 24 घंटे से ज्यादा खड़ी रहने पर 35 रुपये रोज के हिसाब से चार्ज लगेगा। हेलमेट रखने का 24 घंटे तक 5 रुपये लगेगा। पैसे QR कोड से ऑनलाइन भी दिए जा सकते हैं।
सीमेंट रोड के साथ पिक-अप और ड्रॉप की अलग सुविधा बनाई गई है, जहां आने-जाने पर नियंत्रण रहेगा। यहां करीब 120 चार पहिया गाड़ियां खड़ी हो सकती हैं। इस जोन में चार पहिया का चार्ज 1 घंटे तक 50 रुपये और 1 से 2 घंटे तक 100 रुपये है। 2 घंटे से ज्यादा रुकने की इजाजत नहीं है। ऐसा करने पर हर गाड़ी पर 1,000 रुपये का जुर्माना लगेगा और गाड़ी टो कर ली जाएगी।
यह जोन सिर्फ चार पहिया गाड़ियों के लिए है। दोपहिया गाड़ियां और सवारी ढोने वाली कमर्शियल गाड़ियां, यानी ऑटोरिक्शा, टैक्सी, बस और मिनीबस, यहां नहीं आ सकतीं। तय नियमों के मुताबिक 120 मिनट से ज्यादा रुकने वाली गाड़ी टो होगी और उस पर 1,000 रुपये का फ्लैट जुर्माना लगेगा।
अंडरग्राउंड पार्किंग में सफेद खंभे, LED लाइटें, फायर-सेफ्टी की पाइपलाइन और हवा के लिए पंखे लगे हैं। नीले बोर्ड पर सफेद अक्षरों में मराठी, हिंदी और अंग्रेजी में साइन लगाए गए हैं। ये कार पार्किंग, दोपहिया पार्किंग, लिफ्ट और बाहर निकलने का रास्ता बताते हैं।
पहुंच मार्ग पर पिक-अप और ड्रॉप जोन, दोपहिया पार्किंग और कार पार्किंग के लिए अलग-अलग तीर बने हैं। इससे गेट पर गाड़ियों में उलझन और टकराव नहीं होगा। लंबे समय की पार्किंग को यात्रियों को छोड़ने और लेने से अलग कर दिया गया है। उम्मीद है कि इससे स्टेशन के आसपास गाड़ियों की आवाजाही सुधरेगी और यात्रियों के लिए पहुंचना आसान होगा।
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