नागपुर में विकसित विदर्भ सम्मेलन: गडकरी बोले, उत्पादकता और रोजगार के लिए AI अपनाएं
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एसोचैम और महाराष्ट्र सरकार के सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने विदर्भ के लिए ऑनलाइन 'आइडिया बैंक' बनाने का प्रस्ताव रखा।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि विदर्भ का विकास तेज करना है तो यहां की जरूरतों के हिसाब से रिसर्च होनी चाहिए। वे नागपुर में हुए विकसित विदर्भ शिखर सम्मेलन-2026 में मुख्य अतिथि के तौर पर बोल रहे थे। यह सम्मेलन एसोचैम और महाराष्ट्र सरकार ने मिलकर आयोजित किया था।
गडकरी ने कहा कि विदर्भ ने जल संसाधन, बिजली, परिवहन और संचार के क्षेत्र में काफी अच्छी तरक्की की है। इसके बाद उन्होंने एसोचैम से कहा कि वह अलग-अलग क्षेत्रों की जरूरतों को देखकर रिसर्च करे और विदर्भ की विकास से जुड़ी जरूरतें पूरी करने के लिए ऐसे हल निकाले जो जमीन पर काम आएं।
कृषि, खनन, डेयरी और सौर ऊर्जा जैसे क्षेत्रों का जिक्र करते हुए गडकरी ने कचरे से ऊर्जा और दूसरे काम के उत्पाद बनाने की संभावनाओं की बात की। उन्होंने यह भी कहा कि बिजली बनाने और वैल्यू एडेड उत्पाद तैयार करने में मदद करने वाली ऊर्जा फसलों पर रिसर्च की जरूरत है।
क्षेत्र के विकास के लिए गडकरी ने एक नया तरीका सुझाया। उन्होंने प्रस्ताव रखा कि एक ऑनलाइन 'आइडिया बैंक' बनाया जाए, जिसमें विदर्भ के विकास से जुड़े सुझाव साझा किए जाएं, उन पर चर्चा हो और उन्हें आगे बढ़ाया जाए। नई तकनीकों की अहमियत बताते हुए उन्होंने विदर्भ के अलग-अलग क्षेत्रों में उत्पादकता बढ़ाने और रोजगार के मौके बनाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI अपनाने की अपील की।
सम्मेलन में 'फार्म टू फ्यूल', 'वेज टू वेल्थ' और 'नवीकरणीय ऊर्जा' जैसे विषयों पर सत्र हुए। इनमें विदर्भ की विकास क्षमता और उभरते मौकों पर चर्चा हुई।
मंच पर महाराष्ट्र राज्य भार प्रेषण केंद्र के कार्यकारी निदेशक शशांक जावलेकर, एसोचैम की कृषि एवं संबद्ध व्यवसाय समिति के अध्यक्ष अमित अग्रवाल, एसोचैम महाराष्ट्र राज्य परिषद के अध्यक्ष मिलिंद हार्डिकर और एसोचैम विदर्भ चैप्टर के अध्यक्ष माधव लभे मौजूद थे। इनके साथ डॉ. मोहन पांडे, सौरभ सन्याल, गैलेक्सी सोलर के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ श्यामल चटर्जी और पंकज महाजन भी थे।
कार्यक्रम में विकसित विदर्भ 2026 स्मारिका का विमोचन हुआ। जनजातीय दिवस के मौके पर अलग-अलग क्षेत्रों में अहम योगदान देने वाले कई आदिवासी लोगों को गडकरी के हाथों सम्मानित भी किया गया।
मिलिंद हार्डिकर ने भरोसा जताया कि विदर्भ विकसित महाराष्ट्र राज्य का अहम हिस्सा बनेगा और इस तरह विकसित भारत 2047 के संकल्प को पूरा करने में हाथ बंटाएगा। उन्होंने कहा कि सम्मेलन की चर्चाओं से विदर्भ की अनछुई क्षमताओं की पहचान होगी, नए मौके बनेंगे और क्षेत्र की विविधता व संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने के लिए एक मजबूत मंच मिलेगा।
श्यामल चटर्जी ने भी विदर्भ की विकास क्षमता पर भरोसा जताया। उन्होंने आए हुए लोगों से कहा कि विकसित विदर्भ का संकल्प पूरा करने के लिए लगातार योगदान देते रहें। उन्होंने इलाके में विकास की तेज रफ्तार की तारीफ भी की। आखिर में गडकरी ने एसोचैम विदर्भ चैप्टर को बधाई दी और उम्मीद जताई कि यह चैप्टर क्षेत्र के विकास में अहम भूमिका निभाएगा।
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