नागपुर में 644.63 करोड़ का अंतरराष्ट्रीय कृषि सुविधा केंद्र, राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
मुंबई में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई बैठक में 12 फैसले हुए। नागपुर के लिए कृषि केंद्र और नगर पंचायत को जमीन मंजूर हुई।
महाराष्ट्र मंत्रिमंडल के ताजा फैसलों में नागपुर को बड़ा हिस्सा मिला है। राज्य सरकार ने शहर में 644.63 करोड़ रुपये की लागत से अंतरराष्ट्रीय कृषि सुविधा केंद्र बनाने को मंजूरी दी है। साथ ही बिडगांव-तरोडी (खुर्द)-पांढुर्णा नगर पंचायत को उसकी प्रशासकीय इमारत बनाने के लिए 1 हेक्टेयर 86 आर जमीन दी गई है।
ये फैसले मुंबई में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए। बैठक में कृषि, परिवहन, शिक्षा, न्यायपालिका, सहकारी संस्थाओं और जनकल्याण से जुड़े कुल 12 अहम फैसलों को हरी झंडी मिली।
प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय कृषि सुविधा केंद्र नागपुर के दाभा इलाके में डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विद्यापीठ के कृषि महाविद्यालय की जमीन पर बनेगा। मंत्रिमंडल ने 644.63 करोड़ रुपये के निवेश वाले प्रोजेक्ट के ब्लूप्रिंट को मंजूर किया है। इसे इलाके में खेती से जुड़ा ढांचा और सुविधाएं मजबूत करने की दिशा में अहम कदम बताया गया है। नगर पंचायत को मिली जमीन से उसका प्रशासकीय मुख्यालय बन सकेगा और स्थानीय नागरिक प्रशासन को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
वाहन चालकों के लिए मंत्रिमंडल ने महाराष्ट्र ट्रैफिक पुलिस चालान माफी योजना-2026 को मंजूरी दी। इसके तहत बकाया ट्रैफिक ई-चालान की जुर्माना रकम पर एक बार के लिए 20 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। योजना से वाहन चालक पुराने जुर्माने कम दर पर भर सकेंगे।
अन्य पिछड़ा वर्ग, विमुक्त जाति, घुमंतू जनजाति और विशेष पिछड़ा वर्ग के हॉस्टल छात्रों का मासिक निर्वाह भत्ता दो गुना से ज्यादा बढ़ाया गया है। संभाग स्तर के हॉस्टल में रहने वाले छात्रों को हर महीने 1,500 रुपये और जिला स्तर के हॉस्टल के छात्रों को 1,300 रुपये मिलेंगे। महाराष्ट्र पशु व मत्स्य विज्ञान विश्वविद्यालय के अंतिम वर्ष के पशुचिकित्सा छात्रों का इंटर्नशिप भत्ता भी बढ़ा है। मकसद है कि छात्र गांवों में पशु चिकित्सा सेवा दें, जिससे किसानों और पशुपालकों को फायदा हो।
बाकी फैसलों में पालघर जिले के तलासरी, मोखाडा और विक्रमगढ़ में तीन ग्राम न्यायालय खोलना शामिल है, जिनके लिए 15 पद मंजूर हुए। नांदेड़ जिले के मुखेड में वरिष्ठ स्तर का नियमित दीवानी न्यायालय बनेगा, जो पहले मंजूर संयुक्त न्यायालय की जगह लेगा। गोंदिया शहर में नीलामी या पट्टे पर रिहायशी इस्तेमाल के लिए दी गई जमीनों को बिना शुल्क वर्ग-1 में बदला जाएगा।
मुंबई के श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर ट्रस्ट की राम मेंशन खरीद पर स्टाम्प ड्यूटी माफ की गई, ताकि मंदिर परिसर का विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाएं बढ़ाई जा सकें। मुंबई के हैदराबाद (सिंध) नेशनल कॉलेजिएट यूनिवर्सिटी के नियमों में बदलाव मंजूर हुआ, जो कुलाधिपति के कार्यकाल, आयु सीमा और कुलगुरु की दोबारा नियुक्ति की पात्रता से जुड़े हैं।
सहकारी क्षेत्र में 18 वर्ग-अ सहकारी संस्थाओं पर प्रशासक नहीं बैठाया जाएगा, जिनका कार्यकाल खत्म हो चुका है और सूखे के हालात की वजह से चुनाव टल गए थे। इसके लिए महाराष्ट्र सहकारी संस्था अधिनियम, 1960 और चुनाव नियमों में संशोधन मंजूर हुए। सालाना कारोबार 500 करोड़ रुपये से ज्यादा वाली सहकारी संस्थाओं की समितियों में पांच सदस्य नामित होंगे: सहायक निबंधक से कम रैंक का न हो ऐसा एक सरकारी अधिकारी और संस्था के कामकाज का अनुभव रखने वाले चार लोग। सरकारी अधिकारी को वोट का अधिकार नहीं होगा। चारों अनुभवी सदस्य वोट दे सकेंगे, पर पदाधिकारी का चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। यह प्रावधान जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों पर लागू नहीं होगा।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।