नागपुर में 3000 इमारतें बिना ओसी के, मनपा ने 700 बिल्डरों-मकान मालिकों को थमाया नोटिस
नगर रचना विभाग की जांच में सामने आया कि शहर की करीब 3000 इमारतों के पास ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट नहीं है, जबकि हजारों परिवार वहां रह रहे हैं।
नागपुर शहर में इमारतों की सुरक्षा और निर्माण नियमों से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। नगर रचना विभाग के आकलन के मुताबिक शहर की करीब 3,000 इमारतों के पास ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट यानी भोगवटा प्रमाणपत्र (ओसी) ही नहीं है।
हैरानी की बात ये है कि मनपा के कागजों में ये सारी इमारतें आज भी अधूरी या निर्माणाधीन दिखाई जा रही हैं, जबकि जमीनी हकीकत में इन्हीं इमारतों में हजारों परिवार पहले से रह रहे हैं। जैसे ही यह मामला सामने आया, नगर रचना विभाग ने तुरंत सख्ती दिखाते हुए 700 बड़े बिल्डरों और मकान मालिकों को कानूनी नोटिस भेज दिया।
यह पूरा खुलासा तब हुआ जब नागपुर मनपा के नगर रचना विभाग ने साल 2021 से 2024 के बीच पास हुए नक्शों की बारीकी से जांच की। जांच में पता चला कि बिल्डरों ने फ्लैट बेचकर ग्राहकों से पूरा पैसा तो वसूल लिया, लेकिन इमारत का ओसी लेने की जिम्मेदारी से मुंह मोड़ लिया। दूसरी तरफ, सस्ते मकान के लालच में आम लोगों ने भी बिना ओसी चेक किए फ्लैट खरीद लिए। नतीजा यह है कि अभी हजारों लोग जान जोखिम में डालकर इन्हीं इमारतों में रह रहे हैं।
मनपा आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर ने साफ कहा है कि यह तो बस शुरुआत है। उनके मुताबिक आने वाले 15 दिनों में बाकी बची 2,300 अवैध इमारतों को भी नोटिस भेजे जाएंगे। प्रशासन का मकसद है शहर में बढ़ रहे अवैध निर्माण पर लगाम कसना और नियमों को सख्ती से लागू करवाना।
बिल्डरों और डेवलपर्स की इस लापरवाही का खामियाजा अब बेकसूर घर खरीदारों को भुगतना पड़ रहा है। ओसी न होने की वजह से इन खरीदारों को न तो बैंक से होम लोन मिल पा रहा है, न ही वे अपने फ्लैट को रीसेल कर पा रहे हैं। ऊपर से मनपा की आगे होने वाली कार्रवाई का डर अलग बना हुआ है। मनपा ने लोगों से अपील की है कि आगे से कोई भी फ्लैट या मकान खरीदने से पहले अच्छी तरह पता कर लें कि उस इमारत का ओसी जारी हुआ है या नहीं, ताकि धोखाधड़ी से बचा जा सके।
दरअसल किसी भी इमारत का निर्माण पूरा होने के बाद मनपा यह जांचती है कि वह रहने लायक है या नहीं। इसके लिए फायर सेफ्टी, वाहन पार्किंग और इमारत की स्ट्रक्चरल सेफ्टी जैसी तमाम जरूरी बातों की जांच की जाती है, और सब कुछ सही पाए जाने पर ही मनपा ओसी जारी करती है। नियम के हिसाब से बिना ओसी किसी भी इमारत में रहना पूरी तरह गैरकानूनी माना जाता है। शहर की इन 3,000 इमारतों का न तो स्ट्रक्चरल ऑडिट हुआ है, न फायर सेफ्टी की जांच, जिससे आगे किसी हादसे की सूरत में सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
अवैध निर्माणों पर कार्रवाई के पहले चरण में नगर रचना विभाग ने 700 इमारत मालिकों को कड़ा नोटिस थमाया है। नोटिस में मनपा ने चेतावनी दी है कि इमारतों का पानी और ड्रेनेज कनेक्शन काट दिया जाएगा, प्रॉपर्टी टैक्स पर दोगुना जुर्माना वसूला जाएगा, और अगर उल्लंघन जारी रहा तो पूरी इमारत को सील करने तक की कार्रवाई की जाएगी।