नागपुर में 13 साल के वॉलीबॉल खिलाड़ी ने दी जान, घर के तनाव से टूटा था मन
स्वावलंबी नगर के भेंडे लेआउट में सोमवार शाम आठवीं के एक छात्र की मौत हुई। सोनेगांव पुलिस ने आकस्मिक मौत का केस दर्ज कर जांच शुरू की है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
नागपुर के स्वावलंबी नगर इलाके में सोमवार शाम एक 13 साल के लड़के की मौत से पूरे मोहल्ले में मातम पसरा है। वह आठवीं क्लास में पढ़ता था और वॉलीबॉल का शौकीन खिलाड़ी था। भेंडे लेआउट में अपने घर पर उसने आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी करीब शाम 7:30 बजे सामने आई।
बताया गया कि हादसे के वक्त लड़का घर में अकेला था। उसकी मां एक प्राइवेट शोरूम में नौकरी करती हैं। शाम को काम से लौटीं तो घर अंदर से बंद मिला। उन्होंने बार-बार बुलाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं आया। घबराकर उन्होंने पड़ोसियों को बुलाया और पड़ोसियों ने मिलकर दरवाज़ा तोड़ा। अंदर लड़का बेसुध हालत में मिला। उसे फौरन अस्पताल ले जाया गया, मगर वहां डॉक्टरों ने पहुंचते ही उसे मृत घोषित कर दिया।
सोनेगांव पुलिस को दिए बयान में मां ने बताया कि बेटा पढ़ने में होशियार था और खेल में उसका भविष्य अच्छा दिख रहा था। लेकिन कई बातें एक साथ उसके मन पर भारी पड़ रही थीं। सबसे बड़ी वजह घर का माहौल था। उसके माता-पिता के बीच कड़वा वैवाहिक विवाद काफी समय से कोर्ट में चल रहा है, और इससे यह किशोर अंदर तक परेशान रहता था।
पैसों की तंगी भी घर पर असर डाल रही थी। लड़के के पिता एमआईडीसी इलाके में काम करते हैं। आरोप है कि वे खर्च के पैसे नियमित नहीं देते थे। ऐसे में 40 साल की मां को अकेले ही घर का खर्च और बेटे की पढ़ाई का बोझ उठाना पड़ रहा था। इतना ही नहीं, बताया गया है कि पिता बेटे से मिलने या उससे बात करने में भी ज़्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाते थे। इस अनदेखी से लड़का बहुत आहत था और अपनी चिंताएं और तकलीफ अक्सर मां को बताता रहता था।
सोनेगांव पुलिस ने मां के विस्तृत बयान के आधार पर आकस्मिक मौत का मामला दर्ज कर लिया है। जांच करने वाले अफसर घर के माहौल, पैसों की खींचतान और कोर्ट में चल रहे मामले, इन सभी पहलुओं को बारीकी से देख रहे हैं, ताकि पता चल सके कि लड़के ने यह कदम किन हालात और किस वजह से उठाया।
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