ताडाळी की स्पंज आयर्न मजदूर संगठन ने मृत साथी के परिवार को दिया 84,300 रुपये का चेक
चंद्रपुर के ताडाळी एमआयडीसी की स्पंज आयर्न कामगार संघटना ने गोपाणी के दिवंगत कामगार भानुदास मारोती उकिणकार के परिवार को आर्थिक सहारा दिया।
चंद्रपुर के ताडाळी एमआयडीसी में काम करने वाले एक कामगार के गुजर जाने के बाद उनके परिवार को संघटना की तरफ से आर्थिक मदद दी गई। ताडाळी एमआयडीसी की स्पंज आयर्न कामगार संघटना ने परिवार को 84 हजार 300 रुपये का चेक सौंपा।
गुजरे हुए कामगार का नाम भानुदास मारोती उकिणकार है। वे गोपाणी में कामगार थे और सोनेगाव के रहने वाले थे। उनके निधन के बाद परिवार को सहारा देने के मकसद से यह मदद की गई।
यह पूरा उपक्रम संघटन के अध्यक्ष दिनेश चोखारे के मार्गदर्शन में हुआ। चेक देने के वक्त संघटन के पदाधिकारी मौजूद थे और बड़ी तादाद में कामगार भी वहां पहुंचे थे।
संघटन का कहना है कि कामगार सिर्फ औद्योगिक व्यवस्था का एक हिस्सा नहीं होता, वह अपने परिवार का सहारा भी होता है। ऐसे में जब किसी कामगार की मौत हो जाती है, तो उसके परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ता है। इसी बात को ध्यान में रखकर संघटन की तरफ से दिवंगत कामगार के परिवार को आर्थिक मदद दी गई।
संघटन कामगारों के हक के लिए लड़ने के साथ-साथ उनके सुख-दुख में शामिल होने, मुसीबत के वक्त उन्हें सहारा देने और उनके परिवारों की मदद करने की भूमिका निभाने की कोशिश लगातार करता आ रहा है। इस पहल से संघटन के भीतर एकजुटता, आपसी सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी की झलक दिखी।
कार्यक्रम में अध्यक्ष दिनेश चोखारे के अलावा उपाध्यक्ष मोहन वाघमारे, महासचिव संतोष बांदुरकर, कार्याध्यक्ष तुळशीराम डेरकर, कोषाध्यक्ष सदाशिव चतुर और सह-कोषाध्यक्ष दशरथ रोगे मौजूद थे। इनके साथ विजय मोरे, नंदू टोंगे, सागर कन्नीरवार, विकास आवारी, संतोष खोब्रागडे और महेश जुनघरे भी हाजिर थे। संघटन के बाकी पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कामगार भी इस मौके पर पहुंचे।
कामगारों के सुख-दुख में साथ खड़े होकर उनके परिवारों को सहारा देने वाली इस पहल से ताडाळी एमआयडीसी स्पंज आयर्न कामगार संघटन की सामाजिक जिम्मेदारी एक बार फिर सामने आई।