नागपुर मनपा में इलेक्शन ड्यूटी का ओवरटाइम अटका, 6 हजार कर्मचारी महीनों से भुगतान के इंतजार में
नागपुर महानगरपालिका के जोनों और मुख्यालय के बीच फाइलें 6-7 महीने से चक्कर काट रही हैं, कर्मचारी बोले - मेहनत का पैसा प्रशासनिक फेरे में फंसा
नागपुर महानगरपालिका के चुनाव के दौरान 45 दिनों तक दिन-रात एक्स्ट्रा ड्यूटी करने वाले अधिकारी और कर्मचारी अब तक अपने ओवरटाइम के पैसों की राह देख रहे हैं। मनपा के सभी 10 जोन और मुख्यालय में काम करने वाले करीब 5-6 हजार अधिकारी-कर्मचारी पिछले कई महीनों से अपने हक के इस पेमेंट के लिए इंतजार कर रहे हैं। इसके साथ ही जिलाधिकारी कार्यालय में चुनाव ड्यूटी पर लगे कुछ कर्मचारियों का भुगतान भी बीच में अटका हुआ है।
तय यह हुआ था कि चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मचारियों को प्रति व्यक्ति 15,000 से 25,000 रुपये और अधिकारियों को 45,000 से 55,000 रुपये तक ओवरटाइम के तौर पर मिलेंगे। लेकिन चुनाव प्रक्रिया खत्म हुए काफी वक्त निकल चुका है, फिर भी यह रकम कर्मचारियों के खातों में नहीं पहुंची है। सामान्य प्रशासन विभाग और कुछ चुनिंदा जोनों में तैनात स्टाफ को तो पेमेंट मिल गया, मगर ज्यादातर कर्मचारी अब भी इसका इंतजार कर रहे हैं। एक जैसा काम करने के बावजूद पेमेंट में हो रहे इस फर्क और देरी से कर्मचारियों में नाराजगी और चर्चा का माहौल बना हुआ है।
दरअसल दिक्कत यह है कि जोनों से भेजी गई फाइलों की जब मुख्यालय में जांच होती है, तो उसमें कमियां निकालकर फाइल वापस उसी जोन को भेज दी जाती है। जोन में उसे ठीक करने के बाद फाइल फिर मुख्यालय पहुंचती है। यह सिलसिला पिछले 6-7 महीनों से चल रहा है, फाइलें जोन और नागपुर जिला मुख्यालय के बीच लगातार चक्कर काट रही हैं। कर्मचारियों का कहना है कि यह अब सिर्फ एक फाइलों का खेल बनकर रह गया है और उनकी मेहनत का फल इसी प्रशासनिक फेरे में उलझ गया है। कर्मचारियों ने मांग की है कि उन्हें अब और न तड़पाया जाए और उनका पारिश्रमिक तुरंत जारी किया जाए।
मनपा के उपायुक्त निर्भय जैन ने इस मामले पर कहा कि चुनाव ड्यूटी में तैनात कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों को रकम का भुगतान किया जा चुका है। उनके मुताबिक कुछ जोनों के कर्मचारियों का भुगतान इसलिए बाकी है क्योंकि कुछ फाइलों में गलतियां मिली थीं, जिन्हें ठीक कराने के लिए वापस भेजा गया था। उन्होंने बताया कि गलतियां सुधारने का काम लगभग पूरा हो चुका है और जल्द ही बचे हुए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को उनका बकाया पारिश्रमिक दे दिया जाएगा।