बुधवार, 14 अक्टूबर 2026

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20:32 IST

नागपुर मनपा के 5 लाख पौधों के अभियान में डिवाइडर और सड़क किनारे एक भी पौधा नहीं लगा

नागपुर मनपा के पौधारोपण अभियान में कई श्रेणियों में लक्ष्य के मुकाबले बहुत कम पौधे लगे हैं, और डिवाइडर व सड़क किनारे एक भी पौधा नहीं लगा।

नागपुर मनपा के 5 लाख पौधों के अभियान में डिवाइडर और सड़क किनारे एक भी पौधा नहीं लगा तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

नागपुर मनपा ने 5 लाख पौधे लगाने का ऐलान तो बड़े जोर-शोर से किया था, लेकिन अब इस अभियान की हालत पर सवाल उठ रहे हैं। इसकी जिम्मेदारी गार्डन विभाग के पास है, और उसकी लचर व्यवस्था की वजह से पूरा अभियान ढीला पड़ता दिख रहा है।

बताया जा रहा है कि गार्डन विभाग की ओर से अब तक 97,181 पौधे लगाए जाने की जानकारी दी जा रही है। मगर सूत्रों की मानें तो यह आंकड़ा सिर्फ उन पौधों का है, जो विभाग ने पार्षदों, अलग-अलग संगठनों और संस्थाओं को बांटे हैं। जमीन पर हालत इस आंकड़े से अलग बताई जा रही है।

अभियान के तहत अलग-अलग श्रेणियों में लक्ष्य तय किए गए थे। इनमें गोरेवाड़ा बायोडायवर्सिटी पार्क, शासकीय और निजी संस्थाएं, सीएसआर और प्रायोजक, पार्षद, ब्लॉक प्लांटेशन, सड़क किनारे पौधारोपण, जनसहभागिता और डिवाइडर में पौधे लगाना शामिल था। कुल मिलाकर 1,67,000 पौधे लगाने का टारगेट रखा गया था।

गोरेवाड़ा बायोडायवर्सिटी पार्क में 40,000 पौधे लगाने का लक्ष्य था। विभाग का दावा है कि यहां 50 प्रतिशत से ज्यादा का आंकड़ा छू लिया गया है और 28,325 पौधे लगाए जा चुके हैं। किसी एक जगह के लिहाज से यह सबसे बड़ी संख्या है, फिर भी लक्ष्य से यह काफी पीछे है। कुछ पर्यावरण प्रेमियों की मांग है कि जो भी पौधे लगाए जा रहे हैं, उनकी गूगल मैपिंग हो और उसे आम लोगों के लिए सार्वजनिक किया जाए।

शासकीय संस्थाओं, निजी संस्थाओं और अन्य के लिए 1,00,000 पौधों का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन इसमें से सिर्फ 3,000 पौधे ही लगाए जा सके। यह स्थिति चिंताजनक है। सीएसआर से मिले पेड़ों और पार्षदों के जरिए होने वाले पौधारोपण के लिए 22,000 पौधों का लक्ष्य था। विभाग इसमें 19,153 पौधे लगने की जानकारी दे रहा है। लेकिन सच्चाई यह बताई जा रही है कि पौधारोपण की घोषणा के बाद ज्यादातर पार्षदों को पौधे बांटे ही नहीं गए। कुछ पार्षदों को पौधे मिले भी, तो चंद दिनों में आचार संहिता लग गई और पूरा मामला ठंडे बस्ते में चला गया। इसके बावजूद दावे बढ़-चढ़कर किए जा रहे हैं।

विभाग के अपने आंकड़े ही चौंकाने वाले हैं। डिवाइडर में पौधे लगाने के लिए 10,000 का लक्ष्य था, मगर एक भी पौधा नहीं लगाया गया। ब्लॉक पौधारोपण में 50,000 पौधों का लक्ष्य था, जबकि सिर्फ 500 पौधे लगे। सड़कों के किनारे 20,000 पौधे लगाने थे, लेकिन एक भी नहीं लगा, यानी प्रगति शून्य है। जन सहयोग के तहत 25,000 पौधों का लक्ष्य था और इसमें 10,389 पौधे लगाए गए। यहां जनसहभागिता धीमी गति से आगे बढ़ रही है।

कुल 1,67,000 पौधों के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 97,181 पौधे लगे हैं। यानी लक्ष्य का लगभग 26.5 प्रतिशत ही पूरा हो पाया है। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि पौधारोपण सिर्फ संख्या का खेल नहीं है, पौधों की देखभाल और संरक्षण भी जरूरी है। उनके मुताबिक अभियान में पारदर्शिता और निगरानी बढ़ाने की जरूरत है, ताकि लक्ष्य केवल कागजों तक सीमित न रह जाए।

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