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नागपुर के ट्रॉमा केयर सेंटर के लिए 79.15 लाख रुपये के उपकरणों की खरीद मंजूर

राज्य सरकार ने नागपुर के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के ट्रॉमा केयर सेंटर के लिए 79.15 लाख रुपये की प्रशासनिक मंजूरी दी है।

नागपुर के ट्रॉमा केयर सेंटर के लिए 79.15 लाख रुपये के उपकरणों की खरीद मंजूर तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

नागपुर के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के ट्रॉमा केयर सेंटर में अब नए और आधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे। राज्य सरकार ने इसके लिए 79.15 लाख रुपये की प्रशासनिक मंजूरी दे दी है। इस रकम से पोर्टेबल एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड एवं कलर डॉप्लर सिस्टम, एईडी और ऑपरेशन थिएटर से जुड़े उपकरण खरीदे जाने की योजना है।

मकसद यह है कि सड़क दुर्घटनाओं और दूसरे गंभीर आपातकालीन मामलों में मरीजों को वक्त पर इलाज मिल सके। इसी वजह से ट्रॉमा केयर सेंटर को नई मशीनों से लैस करने का फैसला हुआ है। सरकार ने 79 लाख 15 हजार रुपये की यंत्र सामग्री खरीदने को हरी झंडी दी है।

यह पैसा राष्ट्रीय ट्रॉमा एवं बर्न इंजरी रोकथाम एवं प्रबंधन कार्यक्रम के तहत देने का फैसला लिया गया था। फिलहाल उपकरणों की खरीद से जुड़ी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। इसके बाद निविदा प्रक्रिया के जरिए मशीनें खरीदी जाएंगी।

योजना में कुल सात श्रेणियों के उपकरण शामिल हैं और इनकी अनुमानित कुल लागत 79.15 लाख रुपये तय की गई है। इनमें एक पोर्टेबल ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर (एईडी), एक पोर्टेबल एक्स-रे मशीन और एक पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड एवं कलर डॉप्लर सिस्टम है।

पोर्टेबल एक्स-रे मशीन से जरूरत के हिसाब से मरीज के पास ही जांच करने में मदद मिल सकती है। इससे गंभीर हालत में मरीज को जांच के लिए दूसरी जगह ले जाने की जरूरत कुछ मामलों में कम हो सकती है। अल्ट्रासाउंड एवं कलर डॉप्लर सिस्टम शरीर के अंदरूनी अंगों और खून के बहाव से जुड़ी जांच में काम आएगा। एईडी का इस्तेमाल दिल की कुछ जानलेवा अनियमित धड़कनों की हालत में आपातकालीन इलाज के लिए किया जाता है।

ऑपरेशन थिएटर की सुविधाएं बेहतर करने के लिए तीन आधुनिक ओटी टेबल, तीन ओटी लाइट और तीन इलेक्ट्रोकॉटरी मशीनें भी खरीदी जाएंगी। नई ओटी टेबल से सर्जरी के दौरान मरीज को जरूरी पोजीशन में रखना आसान होगा। आधुनिक ओटी लाइट से ऑपरेशन वाली जगह पर बेहतर रोशनी मिलेगी। इलेक्ट्रोकॉटरी मशीनों का इस्तेमाल सर्जरी में ऊतकों को काटने और खून बहना काबू करने के लिए होता है।

प्रशासनिक मंजूरी मिल जाने के बाद अब अगला चरण खरीद प्रक्रिया पूरी करना है। निविदा, उपकरणों की आपूर्ति और स्थापना पूरी होने के बाद ही ट्रॉमा सेंटर में इन सुविधाओं का इस्तेमाल शुरू हो सकेगा। नई सुविधाएं मिलने से गंभीर रूप से घायल मरीजों की जांच, उनकी हालत के आकलन और सर्जरी से जुड़े इंतजामों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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