नागपुर के पारडी में बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी की भीड़ की पिटाई के बाद अस्पताल में मौत
पारडी पुलिस ने आरोपी पर BNS और पोक्सो की धाराओं में केस दर्ज किया था। पिटाई करने वाले 8 से 10 लोगों पर भी मामला दर्ज हुआ है।
नागपुर के पारडी थाना क्षेत्र में मॉब लिंचिंग की घटना सामने आई है। 9 साल की बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी नारायणदास मनमोहनदास वैष्णव (35) की लोगों ने पिटाई कर दी। जख्मी हालत में उसे मेयो अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इससे कुछ ही दिन पहले बेलतरोड़ी थाने के तहत लूट के एक आरोपी की पिटाई के बाद मौत का मामला भी चर्चा में था, और उसकी चर्चा थमी भी नहीं थी कि यह दूसरी घटना हो गई।
पुलिस के मुताबिक मृतक पारडी का रहने वाला था। वह मूल रूप से भिलाई का था और नौकरी के सिलसिले में नागपुर आया था। पुलिस ने पीड़ित बच्ची के पिता की शिकायत पर नारायणदास के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और पोक्सो एक्ट की अलग-अलग धाराओं में मामला दर्ज किया था।
जानकारी के अनुसार सोमवार की रात इलाके में गणपति के पंडाल में कार्यक्रम चल रहा था और बच्ची दूसरे बच्चों के साथ खेल रही थी। आरोप है कि पास में रहने वाले नारायणदास ने उससे कहा कि 'तुम्हारी मम्मी ने कुछ देर घर में रुकने को कहा है।' बच्ची उसकी बात में आ गई और वह उसे अपने घर ले गया। आरोप के मुताबिक वहां उसने बच्ची के साथ अश्लील हरकतें कीं। बच्ची ने उसके हाथ पर काटा और घर से भागकर निकल गई। उसने अपनी मां को नारायणदास की हरकत के बारे में बताया। पंडाल के पास पहले से कई लोग मौजूद थे, इसलिए बात देखते ही देखते पूरे इलाके में फैल गई।
कुछ ही देर में 70 से 80 लोग जमा हो गए। कुछ लोगों ने नारायणदास को घर से बाहर निकाला और उस पर लात-घूंसे बरसने लगे। बताया जाता है कि बच्ची के साथ दुष्कर्म की बात सुनकर इलाके के लोग बेहद गुस्से में थे और नारायणदास को बुरी तरह मारा जा रहा था।
इसी बीच बच्ची के पिता पारडी थाने पहुंचे और पुलिस को पूरी घटना बताई। उन्होंने यह भी बताया कि लोग नारायणदास को मार रहे हैं। खबर मिलते ही पारडी पुलिस मौके पर पहुंची। वहां भीड़ देखकर अतिरिक्त स्टाफ भी बुलाना पड़ा।
पुलिस पहुंची तो नारायणदास जख्मी हालत में जमीन पर पड़ा था। पूछने पर उसने बताया कि भीड़ में शामिल 8 से 10 लोगों ने उसे मारा है, लेकिन उस वक्त मारपीट करने वाले वहां मौजूद नहीं थे। चोटों को देखते हुए उसे इलाज के लिए मेयो अस्पताल में भर्ती किया गया। अस्पताल में उसका बयान भी दर्ज किया गया।
इसके बाद एक हेडकांस्टेबल की शिकायत पर उसके साथ मारपीट करने वाले 8 से 10 लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया। मंगलवार की दोपहर करीब 2.30 बजे नारायणदास ने दम तोड़ दिया। थानेदार नंदा मनगटे ने बताया कि मारपीट के बाद नारायणदास को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया था। पुलिस ने इस मामले में आकस्मिक मृत्यु का केस भी दर्ज किया है। भीड़ के हाथों एक आरोपी की मौत ने शहर की कानून-व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।