पुराने बोरवेल के मेंटेनेंस और फ्लशिंग के कामों को जिलाधिकारी ने दी इजाजत: NVCC
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नागपुर जिले में बोरवेल खोदकाम पर पूरी रोक के आदेश में जिलाधिकारी कुमार आर्शीवाद ने कुछ कामों को राहत दी है। नाग विदर्भ चेंबर ऑफ कॉमर्स ने इसके लिए निवेदन किया था।
नागपुर जिले में इस साल बारिश कम हुई है। इसे देखते हुए प्रशासन ने हाल ही में पानी बचाने के कामों के तहत बोरवेल खोदकाम पर पूरी तरह रोक लगाने के निर्देश जारी किए थे। अब इस रोक में कुछ कामों के लिए राहत दी गई है।
रोक के आदेश के कारण नागरिकों को पानी की दिक्कत हो सकती थी। इसी बात को देखते हुए नाग विदर्भ चेंबर ऑफ कॉमर्स का प्रतिनिधिमंडल नागपुर जिले के प्रभारी मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले और जिलाधिकारी कुमार आर्शीवाद से उनके कार्यालय में मिला। प्रतिनिधिमंडल ने आदेश में राहत देने का निवेदन किया। चेंबर खुद को विदर्भ के 13 लाख व्यापारियों की अग्रणी और शीर्ष संस्था बताता है।
जिलाधिकारी कुमार आर्शीवाद ने चेंबर के निवेदन पर तुरंत ध्यान दिया। प्रभारी मंत्री बावनकुले के निर्देश का पालन करते हुए उन्होंने बोरवेल खोदकाम बंदी के आदेश में कुछ कामों को राहत दी। इसके लिए आदेश नंबर जिनिक/म.स./ने.आ.व्य./कावि 400/2026, तारीख 31.10.2026 को नया संशोधित आदेश जारी किया गया।
नए आदेश के मुताबिक अलग-अलग सरकारी विभागों, सरकारी तंत्र और स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के जरिए यह पक्का किया जाएगा कि सार्वजनिक पीने का पानी सभी को बराबर मिले। इसलिए सरकार की ओर से शुरू किए गए काम, या उनसे जुड़े बोरवेल खोदकाम के काम जारी रहेंगे। इसी तरह घरेलू इस्तेमाल के पानी की उपलब्धता से जुड़े काम भी चलते रहेंगे। इसके अलावा पुराने बोरवेल की फ्लशिंग के काम भी जारी रहेंगे।
चेंबर के अध्यक्ष स्वप्निल अहिरकर और पूर्व अध्यक्ष अश्विन प्रकाशजी मेहाड़िया (अग्रवाल) ने चेंबर की ओर से चंद्रशेखर बावनकुले और जिलाधिकारी कुमार आर्शीवाद का शुक्रिया अदा किया। उनका कहना है कि चेंबर के निवेदन पर ध्यान देकर और पानी से जुड़ी परेशानियों को समझकर दोनों ने नागरिकों को और बोरवेल खोदकाम का काम करने वाले व्यापारियों को राहत दी है।
यह सारी जानकारी चेंबर के सचिव सीए हेमंत सारडा ने प्रेस विज्ञप्ति के जरिए दी है।
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