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21:13 IST

चंद्रपुर के 1,238 गांवों में पानी की किल्लत का खतरा, जिला प्रशासन ने तीन चरणों की योजना बनाई

चंद्रपुर जिले में औसत से 30.43 प्रतिशत कम बारिश हुई है। 42 जलग्रहण क्षेत्रों के 1,238 गांवों के लिए अक्टूबर 2026 से जून 2027 तक की पानी योजना बनी है।

चंद्रपुर के 1,238 गांवों में पानी की किल्लत का खतरा, जिला प्रशासन ने तीन चरणों की योजना बनाई तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

चंद्रपुर जिले में इस साल औसत से 30.43 प्रतिशत कम बारिश हुई है और 12 तालुकों में सूखे जैसे हालात हैं। इसे देखते हुए जिला प्रशासन और जिला परिषद मिलकर पानी की किल्लत से निपटने का खाका तैयार कर रहे हैं। यह योजना अक्टूबर 2026 से जून 2027 तक तीन चरणों में लागू होगी। कलेक्टर वसुमना पंत और सीईओ पुलकित सिंह के मार्गदर्शन में इस पर काम चल रहा है।

जिले में 15 तालुकों के अंदर कुल 56 जलग्रहण क्षेत्र और 1,751 गांव आते हैं। इनमें से 42 जलग्रहण क्षेत्रों के 1,238 गांवों में पानी की किल्लत की आशंका जताई गई है। ऐसे संभावित गांवों में ज्यादा पानी वाले ट्यूबवेल और बोरवेल को अपने कब्जे में लेकर पानी सप्लाई का इंतजाम किया जा रहा है। जिन गांवों में हर साल किल्लत रहती है, वहां जल संरक्षण के काम भी होंगे। जरूरत पड़ने पर सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक किल्लत दूर करने के दस तरह के उपाय किए जाएंगे।

साल 2025-26 के पानी किल्लत कार्यक्रम के तहत 151 गांवों में 188 बोरवेल का काम पूरा हो चुका है। 48 गांवों में 60 ट्यूबवेल के काम भी पूरे हुए हैं। नल पानी सप्लाई योजनाओं की खास मरम्मत के तहत 56 गांवों का काम निपटाकर पानी चालू कर दिया गया है। बाकी 114 काम चल रहे हैं और उन्हें अक्टूबर के आखिर तक पूरा कर पानी चालू करने की योजना है।

इसके अलावा 8 गांवों में 19 हैंडपंप की मरम्मत हो चुकी है। 74 गांवों में 79 कुओं की गहराई बढ़ाने और गाद निकालने का काम पूरा हुआ है। 17 गांवों में 24 निजी बोरवेल अपने कब्जे में लिए गए हैं।

जलजीवन मिशन के तहत जिन 59 योजनाओं के स्रोत का काम पूरा हो गया है, उन्हें फरवरी 2027 तक बिजली कनेक्शन देकर चालू करने की योजना है। अप्रैल 2025 से सितंबर 2026 के बीच जलजीवन मिशन की 82 पानी सप्लाई योजनाएं चालू की जा चुकी हैं। जिले की 33 प्रादेशिक पानी सप्लाई योजनाओं को चालू रखने के लिए जिला नियोजन समिति से निधि की मांग की गई है।

जो योजनाएं जमीन की सतह के जलस्रोतों पर निर्भर हैं, उनके लिए पानी की उपलब्धता की नियमित समीक्षा हो रही है। ग्रामीण पानी सप्लाई विभाग के कार्यकारी अभियंता सुमित बेलपत्रे ने बताया कि पैनगंगा, गाडवी, उमा, अंधारी, वर्धा और वैनगंगा से जुड़ी कुल 108 योजनाओं का हर 15 दिन में जायजा लिया जा रहा है।

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