नागपुर ग्रेजुएट सीट: कांग्रेस से अभिजीत वंजारी तय, बीजेपी में टिकट की खींचतान जारी
कांग्रेस ने नागपुर पदवीधर मतदारसंघ चुनाव के लिए अभिजीत वंजारी की उम्मीदवारी तय कर दी है और उन्होंने प्रचार शुरू कर दिया है। बीजेपी ने अब तक उम्मीदवार का नाम घोषित नहीं किया है।
नागपुर पदवीधर मतदारसंघ के चुनाव के लिए कांग्रेस की तरफ से अभिजीत वंजारी की उम्मीदवारी तय हो गई है। कांग्रेस नेता अभिजीत वंजारी ने प्रचार भी शुरू कर दिया है। दूसरी तरफ बीजेपी ने अब तक अपना उम्मीदवार घोषित नहीं किया है और पार्टी के भीतर टिकट को लेकर खींचतान चल रही है।
अभिजीत वंजारी ने दावा किया है कि नागपुर पदवीधर मतदारसंघ में जीत कांग्रेस की ही होगी। उनका कहना है कि देश में हाल ही में हुआ कॉक्रोज जनता पार्टी का आंदोलन और ज्ञानेश कुमार का मामला इस चुनाव पर असर डालेगा। वंजारी ने यह भी कहा कि यह चुनाव सरकार की लिटमस टेस्ट है और इससे साफ हो जाएगा कि राज्य की जनता किसके साथ है।
वंजारी 5 अक्टूबर को अपना उम्मीदवारी अर्ज भरेंगे। जानकारी के मुताबिक इस मौके पर कांग्रेस के महाराष्ट्र प्रभारी सिरिवेल्ला प्रसाद और प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ मौजूद रहेंगे। बीजेपी ने भले ही उम्मीदवार का ऐलान नहीं किया, पर अब देखना अहम होगा कि कांग्रेस के अभिजीत वंजारी के सामने बीजेपी किसे मैदान में उतारती है।
बीजेपी की ओर से संभावित उम्मीदवार के तौर पर सुधाकर कोहळे ने अपना प्रचार शुरू कर दिया है। कोहळे ने कहा कि टिकट किसी को भी मिले, बीजेपी के उम्मीदवार को जिताना है। उनके मुताबिक इसके लिए तैयारी शुरू हो चुकी है और उन्होंने खुद भी प्रचार की शुरुआत कर दी है। प्रचार के दौरान कोहळे ने नागपुर जिला परिषद के शिक्षकों से मुलाकात की और उनकी अलग-अलग मांगें समझीं।
टिकट को लेकर बीजेपी में होड़ है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के गृह जिले में बीजेपी की जीत कौन दिलाएगा और पार्टी किस पर दांव लगाती है, यह देखना अहम होगा।
इसी बीच संघ परिवार से जुड़े इच्छुक नेताओं ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से उम्मीदवारी की मांग की है। विश्व हिंदू परिषद के मंदिर आयाम के विदर्भ सहित प्रांतप्रमुख ऍड. रमण सेनाड ने मांग की है कि उन्हें नागपुर पदवीधर मतदारसंघ से उम्मीदवारी दी जाए। सेनाड ने कहा कि वे पिछले पचास साल से संघ परिवार का काम कर रहे हैं और तीस साल से बीजेपी में काम कर रहे हैं। उनके मुताबिक उन्होंने कई बार उम्मीदवारी मांगी, लेकिन पार्टी ने टिकट नहीं दिया। फिर भी वे ईमानदारी से पार्टी और संघ का काम करते रहे। सेनाड ने कहा कि मुख्यमंत्री उनके बारे में सकारात्मक हैं और उन्हें भरोसा है कि इस बार उन्हें उम्मीदवारी मिलेगी।
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