मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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21:31 IST

नागपुर: गणेशोत्सव में लगे 5,000 अवैध स्वागत द्वारों से मनपा को राजस्व नुकसान, सड़कों पर जाम

नागपुर में गणेशोत्सव के दौरान बिना अनुमति खड़े हजारों स्वागत द्वारों पर विवाद, नेताओं-कारोबारियों के पोस्टर और यातायात बाधा को लेकर सवाल।

नागपुर: गणेशोत्सव में लगे 5,000 अवैध स्वागत द्वारों से मनपा को राजस्व नुकसान, सड़कों पर जाम
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

नागपुर में गणेशोत्सव की धूम के बीच एक विवाद भी उठ खड़ा हुआ है। शहर में इस बार करीब 5,000 स्वागत द्वार लगाए जाने की बात सामने आई है, और आरोप है कि इनमें से एक का भी हिसाब मनपा के दफ्तर में नहीं है। यानी विज्ञापन विभाग से किसी ने भी वैधानिक अनुमति नहीं ली और तय शुल्क भी जमा नहीं किया गया।

यह आंकड़ा हवा में नहीं है। नागपुर शहर में 1,000 से ज्यादा सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल इस समय सक्रिय हैं, और हर मंडल औसतन अपने इलाके व आसपास के प्रमुख रास्तों पर 3 से 5 स्वागत द्वार खड़े कर देता है। इसी हिसाब से पूरे शहर में करीब 5,000 द्वारों के लगने का अंदाजा लगाया जा रहा है। अगर यह सही निकला तो मनपा को राजस्व का बड़ा झटका लगना तय है।

दिलचस्प बात यह है कि इन द्वारों पर गणपति बप्पा के संदेश कम, नेताओं और कारोबारियों की तस्वीरें ज्यादा नजर आ रही हैं। स्थानीय नेता, सांसद, विधायक, पूर्व पार्षद, चुनाव लड़ने की तैयारी में जुटे लोग और स्पॉन्सर करने वाले कारोबारी, इन सबकी बड़ी-बड़ी फोटो इन स्वागत द्वारों की शोभा बढ़ा रही हैं। यही वजह है कि लोग कह रहे हैं कि गणेशोत्सव के नाम पर सीधा-सीधा राजनीतिक और कारोबारी प्रचार हो रहा है।

सवाल यह भी उठ रहा है कि जब हर साल यही तमाशा होता है, तो मनपा प्रशासन त्योहार के दौरान ही इन पर एक्शन क्यों नहीं लेता। आरोप है कि हर बार उत्सव खत्म होने के बाद ही बैनर और अवैध विज्ञापन हटाने की औपचारिकता निभाई जाती है, यानी नुकसान तो पहले ही हो चुका होता है।

इस पूरे मामले का सीधा असर सड़कों पर भी दिख रहा है। भारी बांस-बल्ली और लोहे के खंभे सड़क के दोनों किनारों पर गाड़ दिए जाते हैं, जिससे पहले से संकरी सड़कें और भी तंग हो जाती हैं। शाम के वक्त जब श्रद्धालुओं और गाड़ियों की भीड़ बढ़ती है, तो प्रमुख चौराहों पर जाम लग जाता है। इससे भी ज्यादा खतरे की बात यह है कि अंधे मोड़ों और चौराहों के पास खड़े किए गए ये बड़े-बड़े द्वार सामने से आने वाली गाड़ियों को दिखने ही नहीं देते, जिससे हादसा होने का डर बना रहता है।

इसी को देखते हुए जागरूक नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने मनपा से मांग की है कि सभी स्वागत द्वारों का सर्वे कराया जाए, जो यातायात में रुकावट डाल रहे हैं उन्हें फौरन हटाया जाए, और बिना अनुमति लगे विज्ञापनों पर नियम के मुताबिक कार्रवाई हो। अब सबकी नजर मनपा प्रशासन पर टिकी है कि वह इन द्वारों को लेकर क्या कदम उठाता है और मनपा के राजस्व व शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाली इन गतिविधियों पर कैसे लगाम कसता है।

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