मुशीर खान ने हरियाणा के खिलाफ शतक और 6 विकेट लेकर 35 साल पुराना रणजी रिकॉर्ड तोड़ा
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रणजी ट्रॉफी में मुंबई के लिए खेलते हुए मुशीर खान ने शतक के साथ 6 विकेट लिए। इसी बीच उनके पिता नौशाद खान का ट्रेनिंग वीडियो वायरल हो रहा है।
मुंबई क्रिकेट में नौशाद खान को कौन नहीं जानता। लोग उन्हें सरफराज खान और मुशीर खान, इन दो बेटों के पिता और कोच के तौर पर पहचानते हैं। नौशाद खान का अपना टीम इंडिया में खेलने का सपना पूरा नहीं हो पाया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने वही सपना अपने बड़े बेटे सरफराज में देखा और सरफराज ने उसे सच करके दिखाया। अब छोटे बेटे मुशीर खान भी उसी रास्ते पर चल रहे हैं।
मुशीर ने हाल ही में मुंबई के लिए खेलते हुए रणजी ट्रॉफी में 35 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। हरियाणा के खिलाफ मैच में उन्होंने पहले शतक लगाया और फिर गेंदबाजी करते हुए 6 विकेट भी लिए। एक ही रणजी मैच में सौ रन बनाना और 5 से ज्यादा विकेट लेना आसान नहीं है। ऐसा करने वाले वे मुंबई के छठे खिलाड़ी बने हैं। उनसे पहले यह कारनामा खुद रवि शास्त्री ने 1990 में किया था। यानी 35 साल बाद मुशीर ने वही रिकॉर्ड तोड़ा है। अब तो वे सीधे टीम इंडिया का दरवाजा खटखटा रहे हैं।
इसी दौरान नौशाद खान का एक ट्रेनिंग वीडियो सोशल मीडिया पर हर तरफ वायरल हो रहा है। वीडियो में नौशाद खान अपने बेटे मुशीर को बैटिंग सिखाते दिख रहे हैं। वे कहते हैं, "जब तू मीडियम पेसर को खेलता है, वो साइड आर्म बॉलर होता है... साइड आर्म से जब बॉल आती है, तब तुझे बहुत पहले पोजिशन ले लेनी चाहिए। इससे तुझे एक्स्ट्रा टाइम मिलता है। यहां तुझे फ्रंटफुट पर नहीं जाना है। मीडियम पेसर को सिर्फ कलाई घुमानी होती है।"
सुनने में यह बात आसान लगती है, लेकिन वीडियो देखकर समझ आता है कि इसके पीछे कितने सालों की मेहनत है। एक पिता अपने बेटे को एक-एक बारीक बात समझा रहा है।
नौशाद खान ने अपने दोनों बेटों को मुंबई के आज़ाद मैदान पर तैयार किया है। धूप हो या बारिश, वे रोज सख्त अनुशासन में प्रैक्टिस करवाते थे। खाने-पीने तक को कुछ नहीं होता था और बहुत मुश्किल दिन काटने पड़े, लेकिन पिता ने हार नहीं मानी। जब सरफराज को पहली बार टीम इंडिया की टेस्ट कैप मिली, तब मैदान पर खड़े नौशाद खान रो पड़े थे। उनकी आंखों में पानी था, क्योंकि वे आंसू सिर्फ खुशी के नहीं थे, बल्कि सालों की मेहनत के थे।
आज सरफराज टीम इंडिया में हैं और मुशीर रणजी में छाए हुए हैं। इन दोनों के पीछे खड़े असली इंसान नौशाद खान हैं। मुंबई की लोकल ट्रेन में बेटों को साथ लेकर जाने वाले और दिन भर उन्हें थ्रो देने वाले वे पिता आज सही मायनों में जीत गए हैं।
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