मीरा-भाईंदर में महासभा की मारपीट पर शिवसेना का अल्टीमेटम, सोमवार तक कार्रवाई नहीं तो आंदोलन
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
मीरा-भाईंदर नगर निगम की महासभा में नागरिकों और पत्रकारों के साथ कथित मारपीट के मामले ने शहर की राजनीति को फिर गरमा दिया है। शिवसेना ने इस मामले में सख्त रुख अपनाया है। पार्टी का कहना है कि अगर आने वाले सोमवार तक पुलिस ने सही कार्रवाई नहीं की, तो संबंधित भाजपा पार्षदों के वार्डों में जनआंदोलन छेड़ा जाएगा। शिवसेना पदाधिकारियों ने साफ किया है कि इस आंदोलन के जरिए लोगों में जागरूकता भी फैलाई जाएगी।
मामला पिछले हफ्ते की महासभा का है। उस दिन प्रेक्षक गैलरी से शूटिंग करने के मुद्दे पर विवाद खड़ा हो गया था। आरोप है कि यही विवाद आगे चलकर हाथापाई में बदल गया। दावा किया गया है कि भाजपा के पार्षदों ने नागरिकों और पत्रकारों को मारा-पीटा।
शिवसेना का कहना है कि लोकतंत्र में नागरिकों को सभागार की कार्रवाई की जानकारी लेने का हक है और पत्रकारों को घटनाओं की रिपोर्टिंग करने का अधिकार है। ऐसे में इस तरह की घटना से पत्रकारिता और लोकतांत्रिक मूल्यों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
बताया गया है कि घटना के बाद नागरिक करण पवार की शिकायत पर भाईंदर पुलिस थाने में 16 भाजपा पार्षदों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। दूसरी तरफ, भाजपा पार्षदों और नगर निगम प्रशासन की ओर से भी नागरिकों के खिलाफ शिकायत दी गई है। दोनों तरफ से हुई शिकायतों और आरोपों की वजह से मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है और शहर का माहौल और गरम हो गया है।
शिवसेना ने यह मुद्दा उठाया है कि जिन पत्रकारों के साथ मारपीट हुई, उनकी शिकायत पर अब तक अलग से मामला दर्ज नहीं हुआ है। शिवसेना पदाधिकारियों का दावा है कि पुलिस यह कह रही है कि पत्रकारों की शिकायत को करण पवार की शिकायत में ही शामिल कर लिया गया है। लेकिन शिवसेना की मांग है कि पत्रकारों पर कथित हमले को अलग से गंभीरता से लिया जाए और जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई हो।
पार्टी का कहना है कि रिपोर्टिंग के वक्त पत्रकारों के रास्ते में रुकावट डालना या उन पर हमला होना गंभीर बात है, और ऐसे मामलों में पुलिस को निष्पक्ष होकर कार्रवाई करनी चाहिए। इसलिए मांग की जा रही है कि पत्रकारों की शिकायत की अलग एंट्री हो, पूरे मामले की गहराई से जांच हो और जो भी दोषी निकले, उस पर कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाए।
शिवसेना ने प्रशासन को सोमवार तक की मोहलत दी है। शिवसेना पदाधिकारी संतोष गोळे ने साफ चेतावनी दी है कि इस दौरान पत्रकारों की शिकायत पर ठीक से ध्यान देकर दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो संबंधित 16 भाजपा पार्षदों के वार्डों में जनआंदोलन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस आंदोलन में पार्षदों की कथित गुंडागर्दी के बारे में लोगों को बताया जाएगा। शिवसेना का कहना है कि पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले, ताकि यह भावना न बने कि कार्रवाई के बजाय शिकायतों पर ध्यान देने में देरी हो रही है।
मीरा-भाईंदर में भाजपा और शिवसेना के बीच टकराव पहले भी कई मुद्दों पर सामने आ चुका है। अब महासभा की इस कथित मारपीट को लेकर दोनों पार्टियों का टकराव और तेज होने की संभावना जताई जा रही है। शिवसेना ने सीधे पार्षदों के वार्डों में आंदोलन की चेतावनी दी है, इसलिए राजनीतिक हलकों की नजर इस मामले पर टिकी है।
इस मौके पर शिवसेना जिला प्रमुख राजू भोईर, मनोज राणे, संदीप तिवारी, निशा नार्वेकर और प्रीती पाटील समेत कई और पदाधिकारी मौजूद थे। अब मीरा-भाईंदर के लोग देख रहे हैं कि सोमवार तक पुलिस क्या रुख अपनाती है और उसके बाद शिवसेना आंदोलन को लेकर क्या फैसला लेती है।
इस बीच, मामले के आरोपों की सच्चाई जांच से ही सामने आने की उम्मीद है। सभी संबंधित पक्षों की बात और पुलिस का आधिकारिक रुख आने के बाद ही पूरी तस्वीर साफ होगी।
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