मावल के उपजिला अस्पताल में डायलिसिस और हार्ट के इलाज की सुविधा नहीं, लोगों में नाराजगी
करोड़ों रुपये खर्च कर बने मावल के उपजिला अस्पताल में जरूरी सुविधाएं पूरी तरह शुरू न होने की शिकायतें नागरिक कर रहे हैं।
मावल तालुका में एमआईडीसी, रिंग रोड और दूसरे बड़े प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। इंडस्ट्री बढ़ने से तालुका का दायरा फैल रहा है और बड़ी कंपनियां व अलग-अलग प्रोजेक्ट यहां खड़े हो रहे हैं। लेकिन नागरिकों का कहना है कि विकास की इस रफ्तार के मुकाबले स्वास्थ्य सुविधाएं उतनी नहीं बढ़ीं जितनी उम्मीद थी। इसी वजह से नागरिक सवाल उठा रहे हैं कि क्या मावल तालुका का स्वास्थ्य विभाग रामभरोसे चल रहा है?
तालुका में सरकार की तरफ से उपजिला अस्पताल शुरू किया गया। बड़ा फंड खर्च कर बनाए गए इस अस्पताल से उम्मीद थी कि तालुका के लोगों को आधुनिक और सस्ती स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। मगर अस्पताल शुरू हुए काफी वक्त हो चुका है और नागरिकों की शिकायत है कि कुछ अहम मेडिकल सुविधाएं पूरी क्षमता से उपलब्ध नहीं हैं।
डायलिसिस, हार्ट की बीमारी का इलाज, जरूरी जांच की सुविधाएं, विशेषज्ञ डॉक्टर, जरूरी मेडिकल उपकरण और बाकी इलाज की सुविधाएं पूरी क्षमता से शुरू करने की मांग हो रही है। नागरिकों का कहना है कि गंभीर बीमारियों के इलाज की सुविधा स्थानीय स्तर पर नहीं है, इसलिए कई मरीजों को पुणे, पिंपरी-चिंचवड या दूसरे बड़े शहरों के अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है।
सरकारी अस्पताल में जरूरी सुविधाएं न होने से गरीब और मध्यमवर्गीय मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों की तरफ भागना पड़ता है। गंभीर बीमारियों के इलाज, अलग-अलग जांच, स्कैनिंग और मेडिकल प्रोसीजर पर बड़ा खर्च आता है, जिससे कई परिवारों पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है। खासकर एमआरआई, डायलिसिस, हार्ट से जुड़ी जांच और दूसरी महंगी जांच व इलाज की फीस को लेकर मरीज और उनके रिश्तेदार गंभीर शिकायतें कर रहे हैं। जिस मरीज को इलाज की जरूरत है, वह खर्च का सोचकर इलाज टाल नहीं सकता।
नागरिकों के मुताबिक कमजोर आर्थिक हालत वाले परिवारों को कर्ज लेना, उधार पैसे लेना या बचत खर्च करनी पड़ती है। कुछ मरीजों का कहना है कि बड़ी जांच और लंबे इलाज का खर्च आम परिवारों की पहुंच से बाहर हो रहा है। इससे प्राइवेट इलाज के खर्च और उसमें पारदर्शिता का सवाल भी उठ गया है। नागरिक मांग कर रहे हैं कि संबंधित स्वास्थ्य प्रशासन यह जांच करे कि प्राइवेट अस्पतालों में फीस को लेकर लागू नियमों का पालन हो रहा है या नहीं।
नागरिक पूछ रहे हैं, "सरकारी अस्पताल में सुविधाएं नहीं हैं और प्राइवेट अस्पताल का इलाज परवड़ता नहीं, तो आम मरीज जाएं कहां?"
उपजिला अस्पताल के उद्घाटन के वक्त कई जनप्रतिनिधि और मान्यवर मौजूद थे। वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में उद्घाटन होने से लोगों की उम्मीदें काफी बढ़ गई थीं। बताया जाता है कि स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और स्वास्थ्य मंत्री ने भी अस्पताल का दौरा किया था। इसके बावजूद जरूरी सुविधाएं पूरी क्षमता से नहीं मिल रहीं, तो नागरिक पूछ रहे हैं कि वे कब मिलेंगी और उन्हें और कितना इंतजार करना होगा।
नागरिकों का कहना है कि तालुका में इंडस्ट्री और इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास तेज हो रहा है। एमआईडीसी, रिंग रोड और दूसरे बड़े प्रोजेक्ट से आने वाले वक्त में आबादी और औद्योगिक इलाका और बढ़ने की संभावना है, इसलिए स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी अतिरिक्त दबाव आएगा। ऐसे में उपजिला अस्पताल में जरूरी डॉक्टर, विशेषज्ञ मेडिकल अफसर, नर्स, टेक्निकल स्टाफ, आधुनिक उपकरण और जांच की सुविधाएं जल्द उपलब्ध कराने की जरूरत बताई जा रही है।
नागरिक यह भी मांग कर रहे हैं कि प्राइवेट अस्पतालों में इलाज और जांच की फीस में पारदर्शिता रहे, सरकार के लागू नियमों के पालन की जांच हो और मरीजों की शिकायतों के लिए असरदार व्यवस्था बने। उनका कहना है कि मावल का विकास सिर्फ सड़क, उद्योग और इन्फ्रास्ट्रक्चर तक सीमित न रहे, लोगों को अच्छी, आसान और सस्ती स्वास्थ्य सेवा मिलना भी उतना ही जरूरी है। इसलिए वे जोरदार मांग कर रहे हैं कि स्वास्थ्य प्रशासन तालुका की स्वास्थ्य व्यवस्था की तुरंत समीक्षा कर जरूरी सुविधाएं शुरू करे।