मस्क की कथित पोस्ट पर सरनाईक का रुख, टेस्ला की रियायतों पर पुनर्विचार के संकेत
महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने एलॉन मस्क की कथित सोशल मीडिया पोस्ट पर आपत्ति जताई और कहा कि भारत के स्वाभिमान से बड़ा कोई व्यावसायिक हित नहीं हो सकता।
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महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने साफ कहा है कि भारत का स्वाभिमान, देश के सर्वोच्च नेतृत्व की प्रतिष्ठा और लोकतांत्रिक संस्थाओं का सम्मान किसी भी व्यावसायिक हित से बड़ा है। टेस्ला के संस्थापक एलॉन मस्क की 9 अक्टूबर की कथित सोशल मीडिया पोस्ट के बाद सरनाईक ने यह बात कही।
बताया गया है कि स्टारलिंक के संदर्भ में की गई मस्क की कथित पोस्ट में 'Prime Minister Ambani' का जिक्र था। सरनाईक ने इस जिक्र पर आपत्ति जताई। उनका कहना है कि ऐसी टिप्पणी खेदजनक है और लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए भारत के नेतृत्व की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाती है। इस रुख के जरिए यह संदेश भी दिया गया कि महाराष्ट्र देश के प्रधानमंत्री और सर्वोच्च संवैधानिक संस्थाओं का सार्वजनिक अपमान बर्दाश्त नहीं करेगा।
सरनाईक ने महाराष्ट्र के बाजार के आंकड़े भी सामने रखे। उनके मुताबिक 2025 में भारत में टेस्ला की 226 गाड़ियां बिकीं, जिनमें से 140 महाराष्ट्र में बिकीं। यानी देश की कुल बिक्री में राज्य का हिस्सा करीब 62 प्रतिशत रहा। 2026 में अब तक भारत में टेस्ला की 859 गाड़ियां रजिस्टर हुई हैं, जिनमें से 282 महाराष्ट्र की हैं। इस हिसाब से कुल रजिस्ट्रेशन में राज्य का हिस्सा करीब 33 प्रतिशत है।
इन आंकड़ों के आधार पर कहा गया कि विदेशी कंपनियों के लिए भारत और महाराष्ट्र में कारोबार के मौके हैं, लेकिन इन मौकों की बुनियाद आपसी सम्मान, भरोसा और जिम्मेदारी ही होनी चाहिए।
आयात की गई इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर लागू शून्य प्रतिशत रोड टैक्स की छूट के मुद्दे पर भी इसी संदेश में रुख रखा गया। कहा गया है कि ऐसी किसी भी छूट की समीक्षा करते समय तय नीतियों, कानूनी प्रावधानों, महाराष्ट्र के हित और देश के व्यापक हित को ध्यान में रखा जाएगा। टेस्ला की छूट फौरन रद्द करने का ऐलान नहीं किया गया है, लेकिन राज्य के हित से जुड़ी नीतियों पर नियमों के मुताबिक पुनर्विचार के संकेत मिलते हैं। संदेश का आशय यह है कि किसी भी कंपनी को छूट देते वक्त राज्य का आर्थिक हित और राष्ट्रीय प्रतिष्ठा, दोनों में संतुलन रखना जरूरी है।
सरकार का रुख यह भी बताया गया कि महाराष्ट्र सरकार इलेक्ट्रिक गाड़ियों के इस्तेमाल, सार्वजनिक परिवहन के विद्युतीकरण और पर्यावरण के अनुकूल सफर को बढ़ावा देने पर कायम है। राज्य में इलेक्ट्रिक बसों का विस्तार, चार्जिंग सुविधाओं की स्थापना और हरित परिवहन के बुनियादी ढांचे के विकास को अहमियत दी जा रही है।
मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि पर्यावरण के अनुकूल तकनीक को बढ़ावा देना और राष्ट्रीय स्वाभिमान को बचाए रखना एक-दूसरे के उलट बातें नहीं हैं। उनके मुताबिक विदेशी कंपनियों के लिए भारत के बाजार में कारोबार करते हुए देश के नेतृत्व और संस्थाओं का सम्मान रखना उतना ही जरूरी है। सरनाईक ने यह भी कहा कि कारोबार में मुनाफा और बाजार अहम हैं, पर आपसी सम्मान और भरोसे के बिना कारोबारी रिश्ते लंबे समय तक नहीं चल सकते। भारत वैश्विक कंपनियों के लिए खुला है, लेकिन राष्ट्रीय स्वाभिमान से समझौता करके कोई व्यावसायिक हित नहीं साधा जा सकता।