महारेरा ने 435 नए हाउसिंग प्रोजेक्ट को दी मंजूरी, 32,981 घर बनेंगे
महारेरा ने राज्य के 435 नए गृहनिर्माण परियोजनाओं को पंजीकरण संख्या दी है। इनसे 32 हजार 981 घर बनने हैं और करीब 23 हजार 719 करोड़ रुपये का निवेश अपेक्षित है।
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घर खरीदने वालों के लिए दशहरा और दिवाली का खास महत्व होता है। इसीलिए इस शुभ मुहूर्त पर नए हाउसिंग प्रोजेक्ट बाजार में लाने और उनका ऐलान करने की बड़ी परंपरा रही है। इसी परंपरा को कायम रखते हुए महारेरा (MahaRERA) ने राज्य की 435 नई गृहनिर्माण परियोजनाओं को आधिकारिक रजिस्ट्रेशन नंबर दे दिए हैं।
इन परियोजनाओं के जरिए करीब 23 हजार 719 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड निवेश उम्मीद है। इनसे कुल 32 हजार 981 घर बनाए जाएंगे।
सिर्फ नई परियोजनाओं को ही मंजूरी नहीं मिली है। जो पुरानी परियोजनाएं अटकी हुई हैं या जिनकी मियाद खत्म होने वाली है, उन्हें भी महारेरा ने बड़ी राहत दी है। डेवलपरों की गुजारिश पर 210 पुरानी परियोजनाओं की मियाद बढ़ा दी गई है। इसके अलावा करीब 609 परियोजनाओं में नक्शे में सुधार के प्रस्तावों को भी हरी झंडी मिली है। महारेरा के मुताबिक घर खरीदारों का हित बना रहे और परियोजनाएं वक्त पर पूरी हों, इसके लिए कानूनी, तकनीकी और आर्थिक कसौटियों की बारीकी से जांच करके ये फैसले लिए जा रहे हैं।
चालू आर्थिक वर्ष में अप्रैल से सितंबर के छह महीनों में महारेरा ने कुल 6 हजार 486 परियोजनाओं के प्रस्ताव मंजूर किए हैं। इनमें 2056 नई गृहनिर्माण परियोजनाएं शामिल हैं। साथ ही डेवलपरों की मांग पर 2053 पुरानी परियोजनाओं की मियाद बढ़ाने के प्रस्ताव और 2377 पुरानी परियोजनाओं में सुधार के प्रस्ताव भी मंजूर हुए हैं।
अक्टूबर महीने की मंजूरियां जोड़ें तो यह कुल आंकड़ा 7 हजार 740 तक पहुंच गया है। इसमें 2491 नई रजिस्टर्ड परियोजनाएं, 2053 मियाद बढ़ोतरी पाने वाली परियोजनाएं और 2377 सुधार मंजूर हुई परियोजनाएं शामिल हैं। महारेरा का पूरा तंत्र इन प्रस्तावों को तेजी से और पारदर्शी तरीके से मंजूर करने के लिए दिन-रात काम कर रहा है।
अब देखें कि किस इलाके में कितनी परियोजनाएं हैं। मुंबई महानगर प्रदेश (MMR) में कुल 201 परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। इनमें मुंबई शहर और उपनगर मिलाकर 63, ठाणे की 70, रायगढ़ की 36, पालघर की 25, रत्नागिरी की 5 और सिंधुदुर्ग जिले की 2 परियोजनाएं हैं।
पुणे जिले में 140 परियोजनाएं मंजूर हुई हैं। इसके अलावा सातारा की 13, कोल्हापुर की 8, सांगली की 3 और सोलापुर की 3 परियोजनाएं भी इसमें हैं।
विदर्भ की 32 परियोजनाओं में नागपुर की 27, अमरावती की 4 और अकोला की 1 परियोजना शामिल है। खानदेश में 24 परियोजनाओं को मंजूरी मिली है, जिनमें नासिक की 23 और अहिल्यानगर की 1 है। मराठवाड़ा में 8 परियोजनाएं मंजूर हुई हैं, जिनमें छत्रपति संभाजीनगर की 7 और नांदेड़ की 1 है। इनके अलावा दादरा नगर हवेली की 2 और दमन की एक परियोजना को भी मंजूरी मिली है।
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