महाराष्ट्र सरकार ने एनएचएम के 10 साल पुराने कंत्राटी कर्मचारियों के लिए अधिसंख्य पद बनाए
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चंद्रपुर : महाराष्ट्र सरकार ने राष्ट्रीय आरोग्य अभियान (एनएचएम) के कर्मचारियों के लिए अधिसंख्य पद बनाकर उन्हें नियुक्ति देने का फैसला किया है। अभियान में 10 साल या उससे ज्यादा सेवा कर चुके संविदा कर्मचारियों को इसका फायदा मिलेगा। यह एक बार की विशेष बात के तौर पर किया जा रहा है और नियुक्ति समकक्ष वेतनश्रेणी में होगी।
राज्य भर में राष्ट्रीय आरोग्य अभियान के तहत काम कर रहे पात्र संविदा कर्मचारियों के लिए सरकार ने यह ऐतिहासिक फैसला लिया है, ऐसा बताया गया है। कई साल से अपने हक के लिए संघर्ष कर रहे इन कर्मचारियों को इससे बड़ी राहत मिली है और उनकी सेवा को स्थिरता मिली है।
इस मसले पर सांसद प्रतिभा धानोरकर ने लगातार पैरवी की, ऐसा उनके कार्यालय ने बताया। विधायक रहते हुए और फिर सांसद बनने के बाद भी उन्होंने यह सवाल बहुत आक्रामक तरीके से उठाया था। विधानसभा के सत्र, तारांकित प्रश्न और दूसरे संसदीय व वैधानिक हथियारों का इस्तेमाल करके उन्होंने सरकार का ध्यान खींचा। सिर्फ मांग करके नहीं रुकीं, बल्कि सरकारी स्तर पर लगातार बैठकें लेकर और वैधानिक रास्ते से पैरवी करके इस लड़ाई को आगे बढ़ाया। इन्हीं कोशिशों के बाद सरकार ने फैसले पर मुहर लगाई है।
कौन से कर्मचारी पात्र होंगे, इसकी शर्त भी साफ है। 25 जून 2026 तक तकनीकी खंड छोड़कर 10 साल या उससे ज्यादा सेवा पूरी करने वाले पात्र संविदा कर्मचारी इस फैसले के हकदार होंगे।
कर्मचारियों के हित का ध्यान रखते हुए उनके मौजूदा वेतन को पूरा संरक्षण दिया गया है। मूल वेतन के साथ महंगाई भत्ता और यात्रा भत्ता भी पहले की तरह जारी रहेगा।
अधिसंख्य पद पर काम करने वाले कर्मचारियों की सेवा की अधिकतम उम्र 58 साल तय की गई है। संबंधित कर्मचारी जब तक सेवा में रहेगा, तभी तक यह पद रहेगा और उसके रिटायर होने के बाद वह पद अपने आप खत्म हो जाएगा।
इस अभूतपूर्व और न्यायपूर्ण फैसले से पूरे राज्य के एनएचएम कर्मचारियों में खुशी का माहौल है। सभी ने सांसद प्रतिभा धानोरकर का दिल से आभार माना है। उनके मुताबिक उनकी लंबी कोशिशों की वजह से ही यह मुश्किल सवाल हल हो सका।
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