मध्य रेल्वे की 18 ट्रेनों का सुपरफास्ट दर्जा हटेगा, टिकट हो सकता है सस्ता
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मध्य रेल्वे 18 लंबी दूरी की ट्रेनों का सुपरफास्ट दर्जा रद्द करने की तैयारी में है। 1 जनवरी 2027 से ये ट्रेनें सामान्य एक्सप्रेस के तौर पर चल सकती हैं।
रेलवे से सफर करने वालों के लिए एक अहम खबर है। मध्य रेल्वे ने 18 चुनिंदा लंबी दूरी की ट्रेनों का सुपरफास्ट दर्जा रद्द करने की तैयारी शुरू कर दी है। 1 जनवरी 2027 से ये ट्रेनें सुपरफास्ट की जगह सामान्य एक्सप्रेस के तौर पर चलने की संभावना है।
इस फैसले से यात्रियों के टिकट के दाम में कुछ हद तक कमी हो सकती है। खास बात यह भी है कि इन ट्रेनों के नंबर भी बदले जाएंगे। इसलिए मुंबई, पुणे और दूसरे शहरों के बीच सफर करने वाले यात्रियों को नए बदलावों की जानकारी रखना जरूरी होगा।
बताया गया है कि रेल्वे बोर्ड की गाइडलाइन के मुताबिक मध्य रेल्वे यह बदलाव करेगी। इसमें महाराष्ट्र से चलने वाली और राज्य को देश के अलग-अलग शहरों से जोड़ने वाली कई अहम लंबी दूरी की ट्रेनें शामिल हैं। मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) और लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) से छूटने वाली कुछ ट्रेनों के साथ पुणे से चलने वाली गाड़ियों पर भी इस फैसले का असर पड़ेगा।
सूची में CSMT-हिंगोली जनशताब्दी एक्सप्रेस, CSMT-पुणे प्रगति एक्सप्रेस, CSMT-बनारस महानगरी एक्सप्रेस और LTT-अयोध्या कैंट तुलसी एक्सप्रेस का नाम है। इसके अलावा LTT-तिरुवनंतपुरम नॉर्थ एक्सप्रेस, LTT-करमाली एसी एक्सप्रेस, CSMT-चेन्नई एक्सप्रेस, LTT-बनारस एक्सप्रेस और पुणे-काजीपेट एक्सप्रेस भी प्रस्तावित बदलावों में बताई जा रही हैं।
इस फैसले का असर इन ट्रेनों की दोनों दिशाओं की सेवाओं पर होगा। मुंबई और पुणे को महाराष्ट्र और दूसरे राज्यों के शहरों से जोड़ने वाली 8 ट्रेन जोड़ियों की कुल 18 सेवाएं इसमें शामिल बताई जा रही हैं।
टिकट में राहत कैसे मिलेगी, यह भी समझ लें। सुपरफास्ट ट्रेन में सफर करने पर मूल किराए के ऊपर अलग से सुपरफास्ट शुल्क लगता है। अगर किसी ट्रेन का सुपरफास्ट दर्जा हटाकर उसे सामान्य एक्सप्रेस के तौर पर चलाया जाए, तो नियम के मुताबिक यह अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा।
इसलिए इन 18 ट्रेनों में सफर करने वालों को टिकट के दाम में कुछ राहत की उम्मीद है। जो लोग अक्सर लंबी दूरी का सफर करते हैं, उनके लिए यह बदलाव खास तौर पर मायने रख सकता है। लेकिन किराया कितना घटेगा, यह उस ट्रेन के लागू किराया नियम और टिकट के प्रकार पर निर्भर करेगा। यानी यह मानकर नहीं चला जा सकता कि सभी यात्रियों की टिकट में बराबर रकम बचेगी।
सुपरफास्ट दर्जा हटाने के साथ इन ट्रेनों के नंबर बदलने की भी तैयारी है। इसलिए यात्री सिर्फ ट्रेन के नाम पर भरोसा न करें और सफर की तारीख के हिसाब से नया ट्रेन नंबर जरूर चेक करें।
यात्रियों को ये बातें ध्यान रखनी चाहिए: 1 जनवरी 2027 से लागू होने वाले बदलावों की आधिकारिक जानकारी देखें। टिकट बुक करते समय ट्रेन का नया नंबर और सफर की तारीख जांच लें। पहले से रिजर्वेशन कराया हो तो उसकी स्थिति और ट्रेन के ब्योरे में कोई बदलाव हुआ है या नहीं, यह देख लें। नए ट्रेन नंबरों की आधिकारिक सूची मध्य रेल्वे की तरफ से जारी होने के बाद ही ताजा जानकारी के हिसाब से सफर की प्लानिंग करें।
कुल मिलाकर, मध्य रेल्वे के इस प्रस्तावित बदलाव से 18 लंबी दूरी की ट्रेनों के यात्रियों को अतिरिक्त सुपरफास्ट शुल्क से राहत मिलने की संभावना है। फिर भी नए ट्रेन नंबर और असली किराए के बारे में मध्य रेल्वे की आधिकारिक अधिसूचना देखना जरूरी है।
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