कोतवाल नगर के स्पा पर पुलिस का छापा, तीन महिलाओं को छुड़ाया, दो के खिलाफ केस दर्ज
नागपुर पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कोतवाल नगर के एक पंचकर्म और स्पा सेंटर पर कार्रवाई कर तीन महिलाओं को बाहर निकाला। कथित देह व्यापार के आरोप में दो लोगों पर मामला दर्ज हुआ है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
नागपुर पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 12 अक्टूबर 2026 को कोतवाल नगर में चल रहे अविरा पंचकर्म एंड स्पा पर छापा मारा। पुलिस का कहना है कि स्पा और पंचकर्म मसाज की आड़ में कथित तौर पर देह व्यापार चलाया जा रहा था। इस कार्रवाई में तीन महिलाओं को वहां से छुड़ाया गया और दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
छापा सोशल सिक्योरिटी ब्रांच (SSB) और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) की संयुक्त टीम ने मारा। पूरी कार्रवाई डीसीपी (क्राइम) दीपक अग्रवाल की अगुवाई में हुई, जबकि सोशल सिक्योरिटी ब्रांच के पुलिस इंस्पेक्टर दर्शन पाटील ने इसका मार्गदर्शन किया।
पुलिस की जानकारी के मुताबिक यह स्पा कोतवाल नगर के कांता पैलेस में फ्लैट नंबर 200 से चल रहा था। यह इलाका राणा प्रताप नगर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आता है। इस जगह पर कथित तौर पर गैरकानूनी गतिविधियां चलने की सूचना मिलने के बाद सोशल सिक्योरिटी ब्रांच और AHTU ने मिलकर कार्रवाई की योजना बनाई।
12 अक्टूबर को पुलिस टीम दो पंच गवाहों और एक डिकॉय ग्राहक को साथ लेकर मौके पर पहुंची और छापा मारा। पुलिस का आरोप है कि संचालकों ने महिलाओं को कम समय में अच्छी कमाई का लालच दिया और फिर पैसे के लिए उन्हें ग्राहकों के पास भेजकर कथित देह व्यापार में धकेल दिया। कार्रवाई में तीन महिलाओं को छुड़ाया गया। इन कथित गतिविधियों के हालात की आगे जांच की जा रही है।
इस मामले में पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इनमें 35 साल के योगेश अशोकराव इंगोले हैं, जो नागपुर के मानेवाडा-बेसा इलाके की गीतानगर में रहते हैं। दूसरी आरोपी 35 साल की सुप्रिया राजू रायकवार हैं, जो नागपुर के बोरगांव की भूपेश नगर की रहने वाली हैं।
पुलिस के अनुसार यह केस क्राइम नंबर 721/2026 के तहत दर्ज हुआ है। इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 143(2) और 143(3) के साथ अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम, 1956 की धारा 3, 4 और 5 लगाई गई हैं। आरोप है कि आरोपियों ने पैसे कमाने के लिए स्पा के कारोबार की आड़ में गैरकानूनी गतिविधियां चलाईं। ये आरोप अभी जांच और अदालती कार्यवाही के दायरे में हैं।
सोशल सिक्योरिटी ब्रांच में तैनात पुलिस हेड कांस्टेबल लक्ष्मण चौरे ने पुलिस की ओर से शिकायत दर्ज कराई। पुलिस की प्रेस नोट के मुताबिक कार्रवाई 12 अक्टूबर को दोपहर बाद 4:25 बजे से रात 8:55 बजे के बीच चली। इसके बाद मामला राणा प्रताप नगर पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया।
अब जांच करने वाले अधिकारी यह देख रहे हैं कि ये कथित गतिविधियां कितने समय से चल रही थीं और क्या इसमें कोई और भी शामिल था। हालांकि पुलिस की प्रेस नोट में किसी बड़े नेटवर्क या और संदिग्धों के शामिल होने की पुष्टि नहीं की गई है। जांच जारी है और सबूतों व आरोपियों की भूमिका की पड़ताल के साथ और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।