किसानों को परेशान किया तो खैर नहीं, माइक्रो फायनान्स कंपनियों को शिंदे की चेतावनी
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नांदेड में विकासकामों के उद्घाटन के मौके पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि किसानों पर वसूली का दबाव डालने वाली कंपनियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
नांदेड में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने माइक्रो फाइनेंस कंपनियों को सीधी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि किसानों को परेशान न करें, वरना माइक्रो फाइनेंस कंपनी को आड़ा कर देंगे, यानी सबक सिखाया जाएगा। शिंदे के हाथों नांदेड जिले में कई विकास कार्यों का उद्घाटन और लोकार्पण हुआ, उसी कार्यक्रम में उन्होंने यह बात कही।
कार्यक्रम नांदेड उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों का था। इसमें सांसद अशोक चव्हाण, हेमंत पाटील और विधायक बालाजी कल्याणकर समेत कई पदाधिकारी मौजूद थे।
शिंदे ने बताया कि नांदेड के विकास कार्यों के लिए सरकार ने निधि उपलब्ध कराई है। उन्होंने स्वास्थ्य सुविधा, पानी की आपूर्ति और चारा व्यवस्था के कामों का भी जिक्र किया।
कर्ज वसूली का मुद्दा उठाते हुए शिंदे ने कहा कि सूखे की वजह से किसान पहले ही मुश्किल में हैं। ऐसे में फाइनेंस कंपनियों के कर्मचारी वसूली के लिए उन पर दबाव न डालें। शिंदे के मुताबिक किसानों को परेशान करने वाले कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राज्य में कम बारिश की वजह से सूखे के हालात बने हैं और किसान परेशान हैं। सूखाग्रस्त इलाकों में सरकार की तरफ से किसानों को 5 हजार रुपये की अग्रिम मदद भी दी गई है। शिंदे ने कहा कि सरकार किसानों के साथ खड़ी है।
उन्होंने बताया कि पात्र सूखाग्रस्त किसानों को 5 हजार रुपये की अग्रिम मदद देने के फैसले को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है। यह रकम सीधे बैंक खाते में जमा होगी। इस मदद के लिए सरकार ने 7,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
विपक्ष की आलोचना करते हुए शिंदे ने साफ कहा कि लाडकी बहीण योजना बंद नहीं होगी। उनके मुताबिक महिलाओं को मिलने वाला डेढ़ हजार रुपये का लाभ जारी रहेगा।
शिंदे ने किसानों की बेटियों के लिए सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित करने की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि दिवाली के समय किसान परिवारों को राहत मिले, इसके लिए सरकार कोशिश कर रही है।
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