बुधवार, 7 अक्टूबर 2026

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20:17 IST

कर्जत में टोरंट प्रोजेक्ट के रास्ते की भूसंपादन सुनवाई, किसानों ने कराई बंद

कर्जत तालुका में टोरंट प्रोजेक्ट के 5.91 किलोमीटर लंबे पहुंच रास्ते की भूसंपादन सुनवाई किसानों ने बंद करा दी।

कर्जत में टोरंट प्रोजेक्ट के रास्ते की भूसंपादन सुनवाई, किसानों ने कराई बंद तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

रायगड जिले के कर्जत तालुका में प्रस्तावित टोरंट प्रोजेक्ट के लिए बनने वाले पहुंच रास्ते की सुनवाई कर्जत में रखी गई थी, लेकिन किसानों ने इसे बीच में ही बंद करा दिया। यह सुनवाई उन किसानों की थी जिनकी जमीन इस रास्ते में जा रही है।

भालीवडी से सायडोंगर के टोरंट हाइड्रोलिक प्रोजेक्ट तक जाने वाला यह पहुंच रास्ता 5.91 किलोमीटर लंबा है। इसमें जाने वाली जमीनों की सुनवाई कर्जत तहसील कार्यालय में हुई। जिला भूमि अधिग्रहण अधिकारी श्रीकांत गायकवाड की अध्यक्षता में सुनवाई चल रही थी। सार्वजनिक निर्माण विभाग के उप अभियंता राहुल देवांग, निवासी नायब तहसीलदार मृणालिनी शिरसाट और जिला भूमि अधिग्रहण कार्यालय के अधिकारी भी मौजूद थे। जिला भूमि अधिग्रहण अधिकारी ने बताया कि 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून के मुताबिक जुलाई 2026 में पहुंच रास्ता बनाने के लिए सर्वे नंबर 34/1 के किसानों को नोटिस दिया गया था।

इस मामले में 108 आपत्ति अर्जी आई हैं। इन शिकायती किसानों के अर्जों पर कर्जत में जनसुनवाई रखी गई। पाली पोटल, सायडोंगर, भालीवडी, मोहमालवाडी, आंबेवाडी और आंबोट गांवों से बड़ी संख्या में किसान आए थे।

विवाद तब शुरू हुआ जब गायकवाड 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून की जानकारी दे रहे थे। बात करते हुए उन्होंने कहा कि यहां के कुछ किसान "अडानी किसान" हैं। इस पर सभी किसानों ने आपत्ति जताई। एडवोकेट कैलास मोरे ने आरोप लगाया कि किसानों के एतराज के बावजूद जमीन की नापजोख के लिए जाने वाले अधिकारी अडानी के हैं।

किसानों ने यह भी पूछा कि यह सुनवाई किसलिए हो रही है और रास्ता किसकी मांग पर बन रहा है। सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारी कुछ मिनट चुप रहे। किसानों का दबाव बढ़ने पर आखिर में साफ किया गया कि यह नया पहुंच रास्ता टोरंट बांध प्रोजेक्ट की मशीनरी ले जाने के लिए तैयार किया जा रहा है।

यह जवाब मिलने पर किसानों ने कहा कि उन्हें न रास्ता चाहिए और न प्रोजेक्ट। उनका आरोप था कि सुनवाई का इतिवृत्त यानी कार्यवाही का ब्योरा कोई लिख नहीं रहा और उनके साथ खेल किया जा रहा है। एडवोकेट कैलास मोरे ने ऐलान किया कि मीटिंग के बाद इतिवृत्त की मांग की जाएगी।

किसानों ने लिखित निवेदन भी दिया। उसमें कर्जत तालुका के इस इलाके के किसानों ने पूछा था कि सुनवाई किसलिए है, रास्ता किसकी मांग पर बन रहा है और इस सभा का इतिवृत्त कौन लिख रहा है। इन सवालों समेत कई मुद्दों पर जिला भूमि अधिग्रहण अधिकारी और निर्माण विभाग के उप अभियंता जवाब नहीं दे पाए।

इसके बाद सभी किसानों ने आपत्ति दर्ज कराते हुए लिखित निवेदन में सुनवाई बंद करने की मांग रखी और सुनवाई बंद करा दी।

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