नेरळ में गंदा पानी: राष्ट्रवादी-शिंदे सेना का प्रशासन को अल्टीमेटम
कर्जत तालुका के नेरळ ग्रामपंचायत में नल से गंदा और मटमैला पानी आने पर ग्रामीण भड़के, राष्ट्रवादी कांग्रेस और शिवसेना शिंदे गुट ने प्रशासन को चेतावनी दी।
कर्जत तालुका के नेरळ गांव में प्रशासक राज के दौरान पानी की सप्लाई का इंतजाम लोगों की सेहत पर ही भारी पड़ रहा है। पिछले कुछ दिनों से नल के जरिए गंदा और दूषित पानी आ रहा है, जिससे नेरळ के ग्रामीणों में गुस्सा भड़क उठा है। इसी मुद्दे को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस अजित पवार गुट और शिवसेना शिंदे गुट दोनों ने आवाज उठाई है।
गणेशोत्सव के बीचोंबीच नेरळ गांव में नल से आने वाला पानी दूषित पाया गया। पिछले हफ्ते से सीधे मिट्टी मिला और गंदा पानी सप्लाई हो रहा है। इस लापरवाह कामकाज के खिलाफ गुस्साए ग्रामीणों ने हाथों में गंदा पानी लेकर प्रशासन के सामने तीखा विरोध जताया और चुनौती दी कि यह पानी प्रशासक खुद पीकर दिखाएं। सुबह राष्ट्रवादी कांग्रेस नेरळ के पदाधिकारियों ने प्रशासक सुजित धनगर से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। राष्ट्रवादी कांग्रेस अजित पवार पार्टी की महिला तालुका अध्यक्ष एडवोकेट रंजना धुळे और शहर अध्यक्ष चव्हाण ने ज्ञापन देते हुए चेतावनी दी कि अगर चार दिन में कामकाज नहीं सुधरा तो बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा।
दूषित और गंदे पानी से परेशान लोगों की समस्याएं उठाने के लिए शिवसेना शिंदे गुट ने भी नेरळ ग्रामपंचायत में धावा बोला। पानी को शुद्ध करने के लिए जरूरी टीसीएल और पानी साफ करने के लिए खरीदे गए सामान पर लाखों रुपए खर्च दिखाए जाने के बावजूद असल में पानी गंदा ही मिल रहा है, इस पर पार्टी ने नाराजगी जताई। अशुद्ध पानी की वजह से छोटे बच्चे और बुजुर्ग बीमार पड़ रहे हैं। दूसरी तरफ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि नियमित टैक्स भरने के बावजूद उनकी सेहत के साथ खिलवाड़ हो रहा है, और इसी बात को लेकर उन्होंने प्रशासन को आड़े हाथों लिया। इस दौरान ग्रामपंचायत अधिकारी अरुण कार्ले और प्रशासक सुजित धनगर ने भरोसा दिलाया कि कल से साफ पानी की सप्लाई की जाएगी।
इस मौके पर विशाल साळुंके, सुरेश राणे, वेदिका साळुंके के साथ-साथ शिवसेना ठाकरे गुट के संदीप उतेकर और संदेश लाड ने भी गंदे और अशुद्ध पानी को लेकर प्रशासन से जवाब मांगा।