जेन ज़ी के आंदोलन पर माओवादियों की नजर का शक, सुरक्षा एजेंसियों के हाथ लगा गोपनीय पत्र
सुरक्षा एजेंसियों को माओवादियों के दो वरिष्ठ कॉमरेड के बीच का एक गोपनीय पत्र मिला है, जिसमें जेन ज़ी के आंदोलन का इस्तेमाल सरकार के खिलाफ करने की बात बताई जा रही है।
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केंद्र सरकार के खिलाफ इन दिनों कई जगह आक्रामक आंदोलन चल रहे हैं, खासकर "जेन ज़ी" का आंदोलन। सवाल उठ रहा है कि क्या माओवादी इन आंदोलनों का फायदा उठाकर अपना खास मकसद साधने की तैयारी में हैं? इस सवाल की वजह यह है कि सुरक्षा एजेंसियों ने माओवादियों के दो वरिष्ठ कॉमरेड के बीच लिखा गया एक बेहद गोपनीय पत्र अपने कब्जे में लिया है।
जानकारी के मुताबिक यह पत्र माओवादियों के इंटरनेशनल सेल के "कॉमरेड धीरज" ने बहुत वरिष्ठ माओवादी "कॉमरेड अजिथ उर्फ के मुरलीधरन" को लिखा है। पत्र में सरकार के खिलाफ आंदोलन कर रहे जेन ज़ी और नौजवानों के गुस्से को सरकार के खिलाफ और धारदार बनाने का जिक्र है। सुरक्षा एजेंसी ने पत्र के मजमून को गंभीर मानते हुए गहराई से जांच शुरू कर दी है।
पत्र में कॉमरेड धीरज ने लिखा है कि "YY" नाम के शख्स ने, जो टोपणनाम या कोड नेम बताया गया है, सरकार के खिलाफ आंदोलन की एक खास रणनीति तैयार की है। इसके तहत आने वाले जन आंदोलनों और राजनीतिक संघर्ष के लिए जेन ज़ी के नेटवर्क का सक्रिय इस्तेमाल तय किया गया है। यह भी कहा गया है कि सरकार के खिलाफ मौजूदा संघर्ष का माहौल जेन ज़ी और नौजवानों को आगे करके और तेज किया जाए।
पत्र के मुताबिक माओवादियों के तय एक्शन प्लान में युवाओं की ताकत के सहारे जमीनी स्तर से सरकार के खिलाफ कई मुहिम चलाने की बात है। इसके जरिए सरकार को सीधी चुनौती देने के साथ ही, अगर आंदोलन में हिंसा हो जाए, तो उसके नतीजों के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश करने का भी पत्र में जिक्र है।
पत्र में यह भी लिखा बताया गया है कि महाराष्ट्र, झारखंड, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और ओडिशा के कई अंडरग्राउंड शहरी माओवादी साथी फिर इकट्ठा होकर, तय वक्त के हिसाब से आक्रामक जन आंदोलन शुरू करने को तैयार हैं।
"YY" की रणनीति के तहत इन सभी जन आंदोलनों को 2024 के लोकसभा चुनाव के वक्त चलाए गए "भारत जोड़ो अभियान" के प्रयोग से जोड़ने की तैयारी बताई गई है। पत्र में कहा गया है कि अगर भारत जोड़ो अभियान के साथ जेन ज़ी और सरकार से नाराज नौजवानों के आक्रामक आंदोलन जुड़ जाएं, तो मौजूदा सरकार को उखाड़ फेंकना मुमकिन होगा। पत्र में यह भी जिक्र है कि कई राजनीतिक पार्टियां "भारत जोड़ो अभियान" और "जेन ज़ी" के साझा प्रयोग से जुड़कर सरकार के खिलाफ मिली-जुली ताकत खड़ी करने को तैयार हैं।
पत्र से दिखता है कि शहरी माओवादी अलग-अलग मुद्दों पर जेन ज़ी के आंदोलन का फायदा लेकर अपने मकसद पूरे करने के लिए जेन ज़ी का गलत इस्तेमाल करने की तैयारी में हैं। इसी वजह से सुरक्षा एजेंसी की जांच जारी है।