जालना दौरे से पहले मंठा-परतूर के शिवसेना पदाधिकारियों के सामूहिक इस्तीफे
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सोमवार को जालना आने वाले हैं। उससे पहले मंठा-परतूर के तालुकाप्रमुख समेत कई पदाधिकारियों ने जिलाप्रमुख आसाराम बोराडे से नाराज़ होकर इस्तीफे दे दिए।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे कल यानी सोमवार, 11 नवंबर को जालना जिले के दौरे पर आने वाले हैं। इस दौरे में वे सूखे की मार झेल रहे किसान परिवारों के साथ दिवाली मनाएंगे और उनकी परेशानियां जानेंगे। लेकिन दौरे की तैयारी चल ही रही थी कि जिले में शिवसेना के कई पदाधिकारियों ने सामूहिक इस्तीफे दे दिए।
ये इस्तीफे मंठा-परतूर विधानसभा क्षेत्र के हैं। यहां के तालुकाप्रमुख समेत पार्टी के अनेक पदाधिकारियों ने पद छोड़ दिया है। जानकारी के मुताबिक उन्होंने जिलाप्रमुख आसाराम बोराडे के कामकाज के तरीके से नाराज़ होकर पार्टी छोड़ने का फैसला लिया।
पदाधिकारियों की ओर से आरोप लगाया गया है कि पार्टी में काम करते हुए उन्हें सही जगह नहीं दी जा रही थी। यह भी बताया जा रहा है कि इस्तीफों के पीछे एक नाराज़गी यह है कि जिलाप्रमुख की ओर से पदाधिकारियों को किनारे करके पार्टी के कार्यक्रम किए जाते हैं।
आसाराम बोराडे ने 2024 के विधानसभा चुनाव में हार के बाद एकनाथ शिंदे की शिवसेना में प्रवेश किया था। इसके बाद उन्हें जिलाप्रमुख की ज़िम्मेदारी सौंपी गई। उनके काम करने के तरीके को लेकर पार्टी के भीतर नाराज़गी बढ़ने का दावा किया जा रहा है। शिंदे के जालना दौरे की पृष्ठभूमि में इन सामूहिक इस्तीफों की चर्चा अब राजनीतिक गलियारों में शुरू हो गई है।
उधर, राज्य में सूखे के हालात को देखते हुए उपमुख्यमंत्री शिंदे जालना जिले का दौरा करेंगे। मौजपुरी के श्री रामेश्वरी महादेव संस्थान में वे सूखा पीड़ित किसानों से बातचीत करेंगे और उनकी दिक्कतें और तकलीफें सुनेंगे।
इससे पहले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस नागपुर जिले के नरखेड तालुका के लोहारी सावंगा में किसान परिवारों के साथ दिवाली मना चुके हैं। अब शिंदे भी किसानों के सुख-दुख में शामिल होने जा रहे हैं।
एक तरफ किसानों के साथ दिवाली मनाने की तैयारी है और दूसरी तरफ पार्टी के पदाधिकारियों के इस्तीफे। इन दोनों घटनाओं के बीच एकनाथ शिंदे के जालना दौरे पर राजनीतिक हलकों की नज़र टिकी हुई है।


कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।