जलगाँव में 13 शिक्षकों की पोस्टिंग पर सवाल, सामान्य प्रशासन विभाग को बाइपास करने का आरोप
जलगाँव जिले में निजी अल्पसंख्यक स्कूलों के 13 अतिरिक्त शिक्षकों को जिला परिषद में समायोजित करने की प्रक्रिया विवादों में है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
जलगाँव जिले में निजी अल्पसंख्यक स्कूलों के 13 शिक्षक अतिरिक्त ठहराए गए थे। इन्हें जिला परिषद में समायोजित किया गया, और अब इस प्रक्रिया को लेकर प्राथमिक शिक्षा विभाग के कामकाज पर सवाल उठ रहे हैं। जानकारी सामने आई है कि सामान्य प्रशासन विभाग को बाइपास करके सीधे मुख्य कार्यकारी अधिकारी के दस्तखत लिए गए और प्रक्रिया पूरी कर दी गई।
इस प्रक्रिया के दौरान खुद के मौजूद न होने की बात सीईओ करिश्मा नायर पहले ही कह चुकी हैं। इसी वजह से सवाल उठ रहा है कि समायोजन आखिर किसकी मौजूदगी में और किस प्रक्रिया के तहत हुआ।
दूसरी तरफ सीईओ नायर ने साफ किया है कि अतिरिक्त ठहराए गए नगरपालिका शिक्षकों का समायोजन नियम के मुताबिक और उनकी मौजूदगी में हुआ था। लेकिन निजी अल्पसंख्यक स्कूलों के 13 शिक्षकों के समायोजन की फाइल सामान्य प्रशासन विभाग के कार्यालय अधीक्षक, प्रशासन अधिकारी और कनिष्ठ सहायक के पास जाँच और राय के लिए आई ही नहीं, ऐसा समझ में आया है। अगर संबंधित विभाग की जाँच को टालकर प्रक्रिया पूरी हुई है, तो इसकी वजह बताई जानी चाहिए।
सरकारी नीति के हिसाब से अतिरिक्त शिक्षकों का समायोजन करते समय एक शिक्षक वाले स्कूलों और पेसा क्षेत्र के स्कूलों को प्राथमिकता देना जरूरी है। आरोप है कि इसके उलट अपनी सहूलियत की पोस्टिंग दी गईं। तालुका के अंदर ही तालुका में पोस्टिंग देने पर शिक्षक और सामाजिक संगठनों ने एतराज जताया है। इस मामले में प्राथमिक शिक्षा विभाग के दो कर्मचारियों और अधिकारियों के नाम सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट में दावा किया गया है कि समायोजन प्रक्रिया में 30 लाख रुपये का कलेक्शन हुआ। इस दावे से मामला और गंभीर हो गया है और इसकी सच्चाई की जाँच अलग से होनी चाहिए। हालाँकि इन आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
शिक्षक और सामाजिक संगठनों ने इस मामले में आक्रामक रुख अपनाया है। प्रशासन को इन सवालों के जवाब देने होंगे कि पोस्टिंग सरकारी नीति के मुताबिक हुईं या नहीं, फाइल की जाँच क्यों नहीं हुई, और सोशल मीडिया पर आर्थिक गड़बड़ी के दावे में कोई सच्चाई है या नहीं। सीईओ करिश्मा नायर ने कहा है कि लिखित शिकायत मिलने के बाद समायोजन प्रक्रिया की जाँच की जाएगी।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।