इंदौर में 23 साल के चिराग सेन की जहर पीने से मौत, शव रखकर चौक पर धरना
गरबा के मैदान में प्रेमिका को किसी और के साथ देखने के बाद हुए झगड़े के बाद चिराग ने जहर पी लिया था। मौत के बाद परिवार और दोस्तों ने बानगंगा के चौक पर शव रखकर प्रदर्शन किया।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में 23 साल के एक नौजवान की मौत हो गई है। उसका नाम चिराग सेन उर्फ लाला था। मौत के बाद उसके परिवार और दोस्तों ने मंगलवार को बानगंगा इलाके के मुख्य चौक में शव रखकर प्रदर्शन किया, जिससे वहां कुछ देर तक तनाव का माहौल रहा।
बताया गया है कि रविवार की रात चिराग ने अपनी प्रेमिका निशा को किसी दूसरे नौजवान के साथ गरबा खेलते देखा। इसके बाद दोनों के बीच झगड़ा हो गया। उसके बाद चिराग ने जहर पी लिया। उसकी हालत बिगड़ने पर एक दोस्त उसे फौरन अस्पताल ले गया। वहां इलाज चल ही रहा था कि सोमवार को उसकी मौत हो गई।
पुलिस की जानकारी के मुताबिक चिराग सेन बानगंगा इलाके की वृंदावन कॉलोनी में रहता था। वह एक स्थानीय भजन मंडली में काम करता था। पुलिस ने यह भी बताया कि वह कुछ राजनीतिक नेताओं के संपर्क में था।
पुलिस के मुताबिक चिराग और निशा के बीच पिछले चार साल से प्रेम संबंध थे। पिछले पांच महीने से दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में साथ रह रहे थे। रविवार की रात हुए झगड़े के बाद जो मानसिक तनाव पैदा हुआ, उसी में चिराग ने जहर पी लिया।
चिराग की मौत के बाद नाराज परिवार वाले और दोस्त मंगलवार को पोस्टमॉर्टम के बाद उसका शव बानगंगा के मुख्य चौक में ले आए। वहां उन्होंने रास्ता रोककर धरना दिया। प्रदर्शन करने वालों के हाथों में "चिराग को न्याय मिले" लिखे तख्ते थे। उनका कहना था कि जब तक संबंधित युवती के खिलाफ मामला दर्ज नहीं होता, वे शव को वहां से नहीं हटाएंगे।
इस प्रदर्शन में करीब 200 से ज्यादा लोग शामिल हुए, जिसकी वजह से ट्रैफिक पर भी असर पड़ा। हालात की खबर मिलते ही एसीपी रुबीना मिजवानी और बानगंगा पुलिस स्टेशन के प्रभारी सियाराम सिंह गुर्जर पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
पुलिस अफसरों ने प्रदर्शन करने वालों को समझाया और भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जो भी कानूनी कार्रवाई बनती है, वह की जाएगी। इस आश्वासन के बाद परिवार ने अपना प्रदर्शन खत्म कर दिया। मामले की आगे की जांच बानगंगा पुलिस कर रही है।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।