इंदौर टी-20: भारत ने वेस्ट इंडिज को 224 रन का लक्ष्य दिया, अभिषेक शर्मा ने बनाए 69
इंदौर के होलकर स्टेडियम में तीसरे टी-20 की पहली पारी में भारत ने 224 रन बनाए। अभिषेक शर्मा ने 30 गेंदों में 69 रन की पारी खेली और सबसे तेज 2,000 टी-20 अंतरराष्ट्रीय रन का विश्व रिकॉर्ड बनाया।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
इंदौर के होलकर स्टेडियम में चल रही सीरीज का तीसरा टी-20 मैच जारी है। भारत ने पहली पारी में वेस्ट इंडिज के सामने 224 रन का लक्ष्य रखा है। वेस्ट इंडिज ने टॉस जीतकर पहले फील्डिंग का फैसला किया था और पहली पारी के नतीजे को देखें तो उनका यह फैसला कुछ हद तक सही ही साबित हुआ।
भारत की तरफ से अभिषेक शर्मा के 69 रन को छोड़ दें तो किसी भी बल्लेबाज से अर्धशतक नहीं बन सका। ओपनिंग करने उतरे अभिषेक ने संजू सैमसन के सिर्फ 3 रन बनाकर आउट होने के बाद भी अपनी बल्लेबाजी पर इसका असर नहीं पड़ने दिया। उन्होंने ईशान किशन के साथ दूसरे विकेट के लिए 108 रन की साझेदारी की, जिसमें 63 रन अभिषेक के थे। अभिषेक ने 30 गेंदों में 6 चौके और 5 छक्कों की मदद से 69 रन की पारी खेली। जब लग रहा था कि वह शतक पूरा करेंगे, तभी शेमर स्प्रिंगर ने अपनी ही गेंद पर उन्हें कैच आउट कर दिया।
इसी पारी के दौरान अभिषेक ने टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में इतिहास रच दिया। वह टी-20 इंटरनेशनल में सबसे तेज 2,000 रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने अपना 33वां रन पूरा करते ही यह विश्व रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने 1,024 गेंदों में 2,000 रन पूरे किए और सबसे कम गेंदों में यह आंकड़ा छूने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बने। इसके साथ उन्होंने सूर्यकुमार यादव का विश्व रिकॉर्ड भी तोड़ दिया।
भारत की मिडिल ऑर्डर एक बार फिर लड़खड़ा गई। ईशान किशन ने 37 रन बनाए, लेकिन उनके अलावा कोई बल्लेबाज टिककर नहीं खेल सका। तिलक वर्मा ने 28 रन बनाए और उन्हें अपवाद माना जा सकता है, मगर वह भी अजीब तरीके से रन आउट हो गए। कप्तान श्रेयस अय्यर सिर्फ 1 रन बनाकर पवेलियन लौटे, नमन धीर 10 रन पर और नितीशकुमार रेड्डी 21 रन पर आउट हो गए।
वेस्ट इंडिज के गेंदबाजों ने शुरुआत से ही भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा। रोस्टन चेज ने श्रेयस अय्यर और लय में दिख रहे ईशान किशन के विकेट लिए। चेज ने 38 रन देकर 2 विकेट लिए, जबकि शेमर स्प्रिंगर ने 50 रन देकर 2 विकेट झटके। शेमर जोसेफ, किमो पॉल और गुडकेश मोती को एक-एक विकेट मिला।
अब नजर भारतीय गेंदबाजों पर रहेगी। पिछले मैच में वेस्ट इंडिज के मिडिल ऑर्डर बल्लेबाजों का जो फॉर्म दिखा था, उसे देखते हुए भारतीय गेंदबाजों को कसी हुई गेंदबाजी करनी होगी। मैदान पर पड़ने वाली दव यानी ओस भी फील्डिंग के दौरान फिर सिरदर्द बन सकती है, इसलिए भारत को अच्छी गेंदबाजी के साथ फील्डिंग पर भी पकड़ बनानी होगी।