मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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22:32 IST

HR में महिलाओं का दबदबा, मार्केटिंग और टेक्नोलॉजी में अब भी पिछड़ीं: रिपोर्ट

वर्ल्ड इकॉनॉमिक फोरम की ग्लोबल जेंडर गैप रिपोर्ट 2026 में कॉर्पोरेट सेक्टर में महिलाओं की भागीदारी को लेकर नए आंकड़े सामने आए हैं।

HR में महिलाओं का दबदबा, मार्केटिंग और टेक्नोलॉजी में अब भी पिछड़ीं: रिपोर्ट
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

कॉर्पोरेट दुनिया में महिलाओं की भागीदारी को लेकर एक बड़ी रिपोर्ट सामने आई है। दुनियाभर के बिजनेस और नॉन-टेक्निकल सर्विस सेक्टर में महिलाओं ने अपनी पकड़ मजबूत की है। एजुकेशन और हेल्थकेयर जैसे चार बड़े सेक्टरों में महिलाओं का वर्कफोर्स में हिस्सा 50 प्रतिशत के पार निकल गया है। लेकिन टेक्निकल इंडस्ट्रीज में उनकी मौजूदगी अभी भी एक चौथाई या उससे भी कम है।

यह जानकारी वर्ल्ड इकॉनॉमिक फोरम यानी WEF की 'ग्लोबल जेंडर गैप रिपोर्ट 2026' में दी गई है। यह स्टडी 39 इकॉनॉमी पर आधारित है। रिपोर्ट के मुताबिक इन इकॉनॉमी में महिलाओं की कुल वर्कफोर्स में हिस्सेदारी 2015 में 39.9 प्रतिशत थी, जो 2025 तक बढ़कर 42.0 प्रतिशत होने का अनुमान लगाया गया था। लेकिन जून 2026 तक इसमें थोड़ी गिरावट आई और यह 41.8 प्रतिशत पर आ गई। इसी दौरान हेल्थकेयर, एजुकेशन, कस्टमर सर्विस और सरकारी व प्राइवेट सर्विस सेक्टर में महिलाओं की भागीदारी 50 से 60 प्रतिशत तक पहुंच गई।

सेक्टर के हिसाब से देखें तो हेल्थकेयर में 59.9 प्रतिशत, एजुकेशन में 54.2 प्रतिशत, कस्टमर सर्विस में 51.7 प्रतिशत और सरकारी-प्राइवेट सेक्टर में 50.6 प्रतिशत महिलाएं हैं। वहीं ऑयल और गैस, माइनिंग में यह आंकड़ा 25.2 प्रतिशत और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में 23.6 प्रतिशत है। पदों की बात करें तो COO पदों पर 25 प्रतिशत, CEO पदों पर 19.1 प्रतिशत और CTO पदों पर सिर्फ 8.6 प्रतिशत महिलाएं हैं।

रिपोर्ट कहती है कि सीनियर मैनेजमेंट और लीडरशिप पदों पर ज्यादा भागीदारी के लिए महिलाओं को अभी लंबा रास्ता तय करना है। सरकारी और प्राइवेट दोनों तरह की कंपनियों में वाइस प्रेसिडेंट, सी-सूट यानी जिन पदों में 'चीफ' शब्द आता है, और बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स जैसे अहम पदों पर महिलाओं का हिस्सा काफी कम है। 2015 में यह प्रतिशत 26.7 था, जो 2023 में बढ़कर 29.4 प्रतिशत हुआ, लेकिन उसके बाद से यह लगभग वहीं रुका हुआ है। सी-सूट पदों में से सिर्फ 19.1 प्रतिशत CEO पद और 25 प्रतिशत COO पद महिलाओं के पास हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक जिन सी-सूट पदों पर लोगों से सीधा जुड़ाव, बर्ताव और फंक्शनल लीडरशिप ज्यादा मायने रखती है, वहां महिलाएं आगे हैं। चीफ HR ऑफिसर और चीफ पीपल ऑफिसर पदों पर महिलाओं का प्रतिशत करीब दो-तिहाई यानी 75 प्रतिशत है। इसी तरह हर पांच में से एक चीफ इन्फॉर्मेशन ऑफिसर महिला है। वहीं चीफ मार्केटिंग ऑफिसर पदों में महिलाओं की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से कम है और चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर पदों में यह सिर्फ 8.6 प्रतिशत है।

कॉर्पोरेट बोर्ड में महिलाओं को टॉप पदों पर एंट्री भले ही कम मिल रही हो, लेकिन उनकी भागीदारी बढ़ी है। 2014 से 2024 के बीच बोर्ड में महिलाओं की भागीदारी 15.2 प्रतिशत से बढ़कर 29.3 प्रतिशत हो गई। हालांकि बोर्ड लीडरशिप पदों पर उनका हिस्सा सिर्फ दो प्रतिशत अंक बढ़ा है, 3.2 प्रतिशत से 5.2 प्रतिशत तक।

फॉर्च्यून ग्लोबल 500 कंपनियों में महिला CEO की संख्या 2015 में 14 थी, जो 2025 में बढ़कर 32 हो गई है। इससे इस पद पर उनका हिस्सा 2.8 प्रतिशत से बढ़कर 6.4 प्रतिशत हो गया है। सेक्टर के हिसाब से देखें तो यूटिलिटीज में 17 प्रतिशत महिला CEO हैं, टेलीकॉम और मीडिया में 11 प्रतिशत, और रिटेल, एनर्जी व कंस्ट्रक्शन सेक्टर में नौ प्रतिशत महिला CEO हैं। टॉप 100 कंपनियों में महिला CEO की संख्या 2015 से 2020 के बीच तीन थी, जो 2025 में बढ़कर सात हो गई है।

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