हेल्थ केयर एट होम इंडिया और क्यूएमएस मेडिकल अलाइड सर्विसेस ने की साझेदारी का ऐलान
दोनों कंपनियों का रोगी सहायता कारोबार सारथी हेल्थकेयर में मिलाया जाएगा, 12 लाख से ज्यादा मरीजों को सेवा देने का लक्ष्य।
घर पर स्वास्थ्य सेवा देने वाली कंपनी हेल्थ केअर ॲट होम इंडिया प्रा. लि. (HCAH) और क्यूएमएस मेडिकल अलाइड सर्विसेस लिमिटेड (QMS) ने रणनीतिक साझेदारी का ऐलान किया है। क्यूएमएस एक इंटीग्रेटेड हेल्थकेयर कंपनी है और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के मुख्य बोर्ड पर लिस्टेड है। साझेदारी का मकसद दवा बनाने वाली कंपनियों के लिए रोगी सहायता सेवा को और बड़े पैमाने पर ले जाना है।
इस साझेदारी के तहत दोनों कंपनियों का रोगी सहायता सेवा का कारोबार क्यूएमएस की सौ फीसदी मालिकाना हक वाली सहायक कंपनी सारथी हेल्थकेयर में मिला दिया जाएगा। इस मिले-जुले प्लेटफॉर्म के जरिए 160 से ज्यादा रोगी सहायता कार्यक्रमों से 12 लाख से ज्यादा मरीजों को सेवा दी जाएगी। इसके साथ 35 से ज्यादा शहरों में 2 हजार से अधिक हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स का नेटवर्क काम करता रहेगा।
ये सेवाएं मरीजों की जांच, रजिस्ट्रेशन, इलाज की शुरुआत, इलाज में निरंतरता, मरीजों को आर्थिक और मेडिकल मदद और बीमारी के प्रबंधन जैसे कई स्तरों पर फैलाई जाएंगी। विलय का लक्ष्य भारत का सबसे बड़ा रोगी सहायता सेवा प्लेटफॉर्म खड़ा करना है। देश की प्रमुख भारतीय और बहुराष्ट्रीय दवा कंपनियों को इसी प्लेटफॉर्म से सेवाएं दी जाएंगी। मौजूदा ग्राहकों, सेवा कार्यक्रमों और कर्मचारियों की निरंतरता बनाए रखते हुए ज्यादा बड़ी सेवा व्यवस्था तैयार करने की कोशिश की जाएगी।
क्यूएमएस मेडिकल अलाइड सर्विसेस लिमिटेड के संस्थापक, चेयरमैन और प्रबंध निदेशक महेश माखिजा ने कहा, "इस साझेदारी से रोगी सहायता और मरीजों से लगातार संपर्क के क्षेत्र की दो एक-दूसरे की पूरक सेवा व्यवस्थाएं एक साथ आ रही हैं। इन क्षमताओं को जोड़कर दवा कंपनियों को ज्यादा व्यापक सेवा और बड़े पैमाने पर पहुंच देना हमारा मकसद है। इलाज की पूरी प्रक्रिया में ज्यादा से ज्यादा मरीजों को जरूरी मदद मिले, इसके लिए भी इस साझेदारी का इस्तेमाल होगा। इससे क्यूएमएस के शेयरधारकों के लिए वैल्यू बनाने को भी बढ़ावा मिलेगा।"
एचसीएएच के निदेशक और डाबर इंडिया लिमिटेड के निदेशक आदित्य बर्मन ने कहा, "खासकर लंबे समय तक चलने वाली बीमारियों के इलाज में सिर्फ इलाज शुरू करना काफी नहीं होता, उसके बाद भी मरीजों से लगातार संपर्क और मार्गदर्शन जरूरी होता है। एचसीएएच और क्यूएमएस की क्षमताएं जुड़ने से मरीजों और दवा क्षेत्र के साझेदारों को इलाज की पूरी अवधि में मदद देने के लिए व्यापक पहुंच, टेक्नोलॉजी और असरदार अमल की क्षमता मिलेगी।"
साझेदारी में स्वास्थ्य और जागरूकता शिविर, अलग-अलग बीमारियों की जांच, मरीजों का रजिस्ट्रेशन, बीमारी का प्रबंधन, इलाज की शुरुआत, इलाज में निरंतरता, रोगी सहायता और मरीजों से लगातार संपर्क के क्षेत्रों का अनुभव और क्षमता एक साथ आएगी। इससे मरीज की पहचान से लेकर इलाज जारी रखने तक के पूरे सफर में दवा कंपनियों को ज्यादा व्यापक मदद दी जा सकेगी।
कंपनियों के अनुमान के मुताबिक दुनिया भर में रोगी सहायता सेवा क्षेत्र का बाजार करीब 70 अरब अमेरिकी डॉलर का है। भारत में इस क्षेत्र का बाजार हर साल 15 से 20 फीसदी की दर से बढ़ रहा है और 2030 तक करीब 1 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। दवा क्षेत्र में विज्ञापन और प्रचार पर बढ़ता नियमन, क्षेत्र का बढ़ता औपचारिकीकरण, लंबी बीमारियों के बढ़ते मामले, डिजिटल टेक्नोलॉजी का बढ़ता इस्तेमाल और मरीजों के इलाज पर लगातार नजर रखने पर बढ़ता जोर इस क्षेत्र की बढ़त को सहारा दे रहे हैं।
क्यूएमएस मेडिकल अलाइड सर्विसेस लिमिटेड हेल्थकेयर प्रोडक्ट्स और सेवाओं के क्षेत्र में काम करने वाली इंटीग्रेटेड हेल्थकेयर कंपनी है। कंपनी मरीजों से संपर्क और संवाद, रोगी सेवा कार्यक्रम, बीमारी प्रबंधन, बचाव से जुड़े स्वास्थ्य कार्यक्रम, मरीजों की जांच और मेडिकल शिविर, हेल्थकेयर मैनपावर और मेडिकल व डायग्नोस्टिक सेवाओं में सक्रिय है। इंटीग्रेटेड मॉडल के जरिए क्यूएमएस दवा कंपनियों, हेल्थकेयर सेवा देने वालों और मरीजों को सेवा देती है। कंपनी का जोर मरीजों को जरूरी इलाज दिलाने, इलाज में निरंतरता रखने और सेहत से जुड़े नतीजे ज्यादा असरदार बनाने पर है।