हार्दिक पांड्या को पहले घरेलू क्रिकेट में फिटनेस दिखानी होगी, शुभमन गिल ने कहा
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न्यूज़ीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज़ से पहले कप्तान शुभमन गिल ने कहा कि हार्दिक पांड्या घरेलू क्रिकेट खेलेंगे और फिर टीम इंडिया में लौटेंगे।
टीम इंडिया के लिए हार्दिक पांड्या कितने अहम हैं, यह सबको पता है। 2027 के वनडे वर्ल्ड कप के लिए सब इस स्टार ऑलराउंडर के फिट होने का इंतज़ार कर रहे हैं। इसी बीच शुभमन गिल के एक बयान से हलचल मच गई है। गिल का कहना है कि टीम इंडिया में वापसी से पहले हार्दिक को घरेलू क्रिकेट खेलना होगा, यानी अपनी फिटनेस साबित करनी होगी।
न्यूज़ीलैंड के खिलाफ 4 अक्टूबर से शुरू होने वाली वनडे सीरीज़ से पहले पत्रकारों ने सवाल पूछे, तब गिल ने हार्दिक के बारे में यह बात कही। उन्होंने कहा कि 2027 के वनडे वर्ल्ड कप की तैयारी कर रही भारतीय टीम हार्दिक की वापसी का इंतज़ार कर रही है। हार्दिक की चोट की वजह से टीम इंडिया अपनी पूरी ताकत के साथ नहीं खेल पा रही है। अगला वर्ल्ड कप 2 अक्टूबर 2027 से अफ्रीका की ज़मीन पर खेला जाएगा।
गिल ने कहा, "उम्मीद है कि हार्दिक जल्द लौटेगा। वह कुछ घरेलू क्रिकेट खेलेगा और हमें उम्मीद है कि वह जल्दी ही भारतीय टीम में वापस आएगा। वह एक महान ऑलराउंडर है। दुनिया में बहुत कम खिलाड़ियों के पास उसका हुनर है। वह नई और पुरानी, दोनों गेंदों से गेंदबाज़ी कर सकता है। हमारे बीच कई बार बात हुई है। चोटों के मामले में वह बहुत बदकिस्मत रहा है। IPL के बाद वह खेला नहीं है।"
इस बयान का सीधा मतलब यह है कि हार्दिक को नवंबर और दिसंबर में होने वाली सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी या विजय हजारे ट्रॉफी में अपनी फिटनेस साबित करनी पड़ेगी। यह ऑलराउंडर इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के बाद से क्रिकेट नहीं खेला है। मई से वह चोटों से जूझ रहा है और फिलहाल बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में है।
टीम पर हार्दिक के असर के बारे में पूछा गया, तो गिल ने कहा कि हार्दिक एक खास क्रिकेटर हैं, जो नई और पुरानी दोनों गेंदों से गेंदबाज़ी कर सकते हैं। भारतीय वनडे टीम में हार्दिक 7वें या 8वें नंबर पर एक मज़बूत खिलाड़ी हैं, जिनके ऊपर पारी के आखिरी ओवरों में तेज़ रन बनाने की ज़िम्मेदारी रहती है।
हार्दिक की चोटों का सिलसिला आईपीएल 2026 के दौरान शुरू हुआ। पीठ की मांसपेशियों में दर्द की वजह से वे मुंबई इंडियंस के लिए तीन मैच नहीं खेल सके। बाद में वे टूर्नामेंट में लौटे, लेकिन उनका हुनर कुंद पड़ चुका था। जून में बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में रिहैब के दौरान उनकी जांघ की मांसपेशी में चोट लग गई, जिसके चलते वे अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज़ से बाहर हो गए।
उसके बाद पूरी तरह फिट न होने से वे इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज़ भी नहीं खेल सके। सितंबर में ऑस्ट्रेलिया 'ए' टीम के खिलाफ वनडे सीरीज़ के लिए उनका चयन हुआ, मगर स्कैन में दाएं पैर की पिंडली में चोट सामने आई। वे न्यूज़ीलैंड के खिलाफ पांच वनडे और पांच टी-20 मैच भी नहीं खेल पाएंगे।
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