गोंदिया: प्रसूति के बाद बच्चे की मौत, फिर मां ने भी दम तोड़ा, डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप
बाई गंगाबाई अस्पताल में इलाज के दौरान मां और बच्चे दोनों की मौत हो गई, परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की
गोंदिया में सोमवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां बाई गंगाबाई महिला अस्पताल में एक गर्भवती महिला ने मृत बच्चे को जन्म दिया, और इलाज के दौरान खुद उसकी भी मौत हो गई। मृत महिला की पहचान पूजा फरकुंडे (25) के रूप में हुई है। इस घटना के बाद परिजनों ने डॉक्टरों पर कथित लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की जांच की मांग की है।
वैद्यकीय महाविद्यालय के डीन डॉ. विनायक रुखमोडे ने बताया कि महिला के शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर सिर्फ 5 ग्राम था, जिसकी वजह से उसकी हालत गंभीर बनी हुई थी। डॉ. रुखमोडे के मुताबिक, गंभीर खून की कमी के चलते महिला की तबीयत चिंताजनक थी, और इसी वजह से खून चढ़ाने समेत जरूरी इलाज किया गया था।
अस्पताल के मुताबिक, पूजा फरकुंडे प्रेगनेंसी के दौरान रावणवाड़ी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज करा रही थीं। जब उसे प्रसव पीड़ा शुरू हुई, तब जांच में हीमोग्लोबिन सिर्फ 5 ग्राम पाया गया। इसके बाद उसे आगे के इलाज के लिए गोंदिया के बाई गंगाबाई महिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां खून चढ़ाकर इलाज शुरू किया गया।
लेकिन प्रसव के बाद बच्चे की मौत हो गई, और उसके बाद पूजा की तबीयत भी बिगड़ती चली गई। परिजनों ने सवाल उठाया कि जब उसकी हालत गंभीर थी, तो उसे पहले ही किसी बड़े अस्पताल में हायर ट्रीटमेंट के लिए क्यों नहीं भेजा गया। मृत महिला के चाचा मास्तराम कोसरकर ने बताया कि पूजा रावणवाड़ी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में नियमित इलाज करा रही थी।
घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने अस्पताल के सामने हंगामा भी किया। उनका आरोप है कि अगर प्रेगनेंसी के दौरान ही हीमोग्लोबिन कम होने की गंभीर बात को ध्यान में रखते हुए सही इलाज और पौष्टिक खाने का इंतजाम किया गया होता, तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था।
समाजसेवी लोकेश यादव ने आरोप लगाया कि रावणवाड़ी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पूजा को दिए गए इंजेक्शन को लेकर डॉक्टरों के बीच कथित तौर पर मतभेद हुआ था। परिजनों ने मांग की है कि रावणवाड़ी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से लेकर गोंदिया के अस्पताल तक हुए पूरे इलाज की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि यह पता चल सके कि इलाज के किस पड़ाव पर चूक हुई। उनकी मांग है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाए, उस पर सख्त कार्रवाई की जाए।
एक ही घटना में मां और बच्चे, दोनों की जान चली जाने से इलाके में शोक का माहौल है।