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22:01 IST

गौरेला-पेंड्रा-मारवाही के शाहिद जामा खान ने दो एकड़ टमाटर से कमाया 1,20,000 रुपये का नफा

छत्तीसगढ़ के शाहिद जामा खान ने पारंपरिक खेती छोड़कर आधुनिक तकनीक से टमाटर उगाया और अब उनकी कमाई सुधर गई है।

गौरेला-पेंड्रा-मारवाही के शाहिद जामा खान ने दो एकड़ टमाटर से कमाया 1,20,000 रुपये का नफा तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मारवाही जिले के एक किसान की इन दिनों खूब चर्चा हो रही है। गौरेला विकास खंड की सराभरा ग्राम पंचायत के किसान शाहिद जामा खान ने पारंपरिक खेती से हटकर आधुनिक तरीका अपनाया और अपनी दो एकड़ जमीन पर टमाटर की खेती शुरू की। इसी खेती से अब वे लाखों रुपये का मुनाफा कमा रहे हैं और उनकी आर्थिक हालत भी बदल गई है।

बाकी किसानों की तरह शाहिद जामा खान भी हालात से तंग आ चुके थे। लेकिन उन्होंने पुराने ढर्रे की खेती पर टिके रहने के बजाय नई तकनीक को अपनाया। करीब 2 एकड़ में टमाटर लगाकर उन्होंने अब तक लगभग 1,20,000 रुपये का नफा कमाया है। टमाटर की खेती में उन्होंने आधुनिक और उन्नत कृषि तकनीक का इस्तेमाल किया और इस तरह अपनी खेती को एक नया रूप दिया।

फसल के प्रबंधन पर उन्होंने खास ध्यान दिया। खेती के काम समय पर करना, फसलों की नियमित देखभाल करना और वैज्ञानिक तकनीक का सही इस्तेमाल करना, इन सबका उन्हें विशेष फायदा मिला और उनकी फसल की पैदावार बेहतर हुई।

अच्छी पैदावार और सही प्रबंधन की वजह से टमाटर की खेती खूब फली-फूली। हालात से थक चुके शाहिद को इससे उम्मीद की नई किरण मिली और यह खेती उनकी कमाई का एक अहम जरिया बन गई है।

शाहिद खान ने बताया कि उन्हें बागवानी विभाग की तरफ से चलाई जा रही कई योजनाओं का लाभ मिला है। यह विभाग उन्हें योजनाओं की नियमित जानकारी देता है, साथ ही उन्नत कृषि तकनीक, फसल प्रबंधन और जरूरी खेती के तरीकों पर तकनीकी मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराता है।

किसानों को आधुनिक खेती के तरीकों से जोड़ने की कोशिशों के बीच शाहिद जामा खान जैसे किसानों ने उन्नत तकनीक अपनाई है। इससे उनकी आमदनी अच्छी खासी बढ़ रही है। इस जीते-जागते उदाहरण को देखकर उनकी कामयाबी साफ नजर आती है। इसका श्रेय जितना वैज्ञानिक कृषि तकनीक, बेहतर फसल प्रबंधन और समय पर मिलने वाले तकनीकी मार्गदर्शन को जाता है, उतना ही उनकी अपनी मेहनत को भी जाता है। ये सारी बातें खेती को ज्यादा फायदेमंद बनाने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।

हिम्मत हारने वाले हर किसान के लिए शाहिद की यह कहानी एक मिसाल है। सुधरी हुई टमाटर की खेती में मिली कामयाबी से शाहिद जामा खान को फलों के बागों की फसलों के जरिए अपनी आमदनी और बढ़ाने का हौसला मिला है। उनकी इस पहल से इलाके के दूसरे किसानों के लिए भी आधुनिक और व्यावसायिक खेती की संभावनाएं खुल गई हैं।

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