गणेश विसर्जन के लिए नागपुर पुलिस और मनपा ने बढ़ाई तैयारी
बड़ी गणेश मूर्तियों के विसर्जन से पहले नागपुर में पुलिस और मनपा अधिकारियों ने प्रमुख कृत्रिम विसर्जन स्थलों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
नागपुर शहर में बड़े गणेश मूर्तियों के विसर्जन की तैयारी जोरों पर है और इसे लेकर पुलिस व मनपा प्रशासन ने अपनी तैयारियां और पुख्ता कर दी हैं, ताकि उत्सव बिना किसी रुकावट, भीड़भाड़ या सुरक्षा चूक के संपन्न हो सके। रविवार को वरिष्ठ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने शहर के प्रमुख कृत्रिम विसर्जन स्थलों का संयुक्त रूप से निरीक्षण किया और बड़ी मूर्तियों तथा भारी भीड़ को संभालने की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
इस निरीक्षण की अगुवाई विधायक विकास ठाकरे, पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटील और मनपा आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर ने की। इन अधिकारियों ने विभिन्न विसर्जन स्थलों पर अलग-अलग विभागों की तैयारियों को परखा।
यह निरीक्षण पुलिस लाइन टाकली, गोरेवाड़ा, कोराडी, कोलार और काची विसा ग्राउंड के कृत्रिम विसर्जन स्थलों पर हुआ। अधिकारियों ने बड़ी मूर्तियों की सुरक्षित आवाजाही व विसर्जन, भीड़ नियंत्रण, ट्रैफिक व्यवस्था और आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाने के इंतजामों की जांच की।
काची विसा ग्राउंड पर निरीक्षण के दौरान सत्तापक्ष नेता नरेंद्र बोरकर मौजूद रहे, जबकि विधायक विकास ठाकरे ने अलग से पुलिस लाइन टाकली की तैयारियों का जायजा लिया।
इस निरीक्षण में संयुक्त पुलिस आयुक्त नवीनचंद्र रेड्डी, अतिरिक्त आयुक्त अंकित, ट्रैफिक डीसीपी आदित्य मिरखेलकर और मुख्य अग्निशमन अधिकारी राजेंद्र उचके सहित कई वरिष्ठ पुलिस व मनपा अधिकारी भी शामिल रहे।
बड़ी मूर्तियों को उठाने और उनके रूट को लेकर अधिकारियों ने खास ध्यान दिया, क्योंकि इनके परिवहन और विसर्जन में लॉजिस्टिक्स की चुनौती अधिक होती है। क्रेन की उपलब्धता और उनकी पोजीशनिंग, लाइटिंग व्यवस्था, पानी का लेवल, मूर्तियों के लिए तय रूट और कृत्रिम तालाबों पर भीड़ नियंत्रण के उपायों की जांच की गई। बड़ी मूर्तियों के जुलूस से विसर्जन स्थलों के आसपास की सड़कों पर काफी दबाव बनता है, इसलिए पहले से ट्रैफिक प्लानिंग बेहद जरूरी मानी गई।
पुलिस और ट्रैफिक विभाग को निर्देश दिया गया कि विसर्जन स्थलों पर सख्त बंदोबस्त रखा जाए और आसपास की सड़कों पर वाहनों की आवाजाही बिना रुकावट चलती रहे। साथ ही तय रूट की भी समीक्षा की गई ताकि बड़ी मूर्तियां बिना जाम में फंसे विसर्जन स्थलों तक पहुंच सकें।
निरीक्षण के दौरान मनपा आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर ने पाया कि घरों की छोटी गणेश मूर्तियां भी बड़े कृत्रिम विसर्जन तालाबों पर लाई जा रही हैं, जिससे उन स्थलों पर भीड़ और बढ़ रही है जो मुख्य रूप से बड़ी मूर्तियों के लिए बनाए गए हैं। इसे देखते हुए उन्होंने मनपा अधिकारियों को निर्देश दिया कि मोहल्लों में और छोटे स्थानीय विसर्जन तालाब बनाए जाएं, ताकि लोगों को घरेलू मूर्तियों के लिए बड़े विसर्जन केंद्रों तक न जाना पड़े। इसका मकसद भीड़ को बांटना और शहर के बड़े विसर्जन स्थलों पर दबाव कम करना है।
डॉ. इटनकर ने यह भी निर्देश दिया कि जहां जरूरत हो वहां अतिरिक्त मैनपावर और क्रेन तैनात की जाएं, और सभी कृत्रिम विसर्जन तालाबों में विसर्जन के दौरान पानी का पर्याप्त स्तर बना रहे। बड़ी मूर्तियां आने वाले स्थलों पर पर्याप्त पानी और उठाने के उपकरणों की उपलब्धता खासतौर पर अहम है, क्योंकि हाथ से मूर्ति उठाने में कर्मचारियों और भक्तों दोनों को खतरा हो सकता है। फायर और इमरजेंसी व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई और अधिकारियों को विसर्जन की भीड़भाड़ के दौरान किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया।
काची विसा ग्राउंड पर विशेष ध्यान दिया गया, क्योंकि यहां विसर्जन संबंधी गतिविधियों से मौजूदा स्पोर्ट्स सुविधाओं पर असर पड़ने का खतरा है। डॉ. इटनकर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विसर्जन के दौरान ग्राउंड की स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाए।
पुलिस, मनपा प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का यह संयुक्त निरीक्षण ऐसे समय हुआ है जब नागपुर गणेशोत्सव के सबसे व्यस्त दौर की तैयारी में जुटा है। अधिकारियों ने पहले से प्लानिंग, विसर्जन सुविधाओं को कई जगह बांटने, पर्याप्त उपकरण और तालमेल भरी ट्रैफिक व्यवस्था पर जोर दिया है, ताकि बड़ी मूर्तियों और भक्तों की आवाजाही किसी बड़े जाम या सुरक्षा संकट में न बदल जाए।