नागपुर मनपा का 1,000 करोड़ वसूली का लक्ष्य, 400 कर्मचारी उतारे फिर भी जुटे सिर्फ 40 करोड़
नागपुर मनपा के संपत्ति कर वसूली अभियान में 20 अगस्त से 30 सितंबर के बीच सिर्फ 40 करोड़ रुपए वसूल हुए।
नागपुर जिले में संपत्ति कर की वसूली के लिए मनपा ने जितने भी अभियान चलाए, वे अब तक नाकाम ही रहे हैं। अब एक और अभियान के फेल होने की बात सामने आई है।
पिछले कुछ सालों से संपत्तिधारकों पर कुल 2,400 करोड़ रुपए का कर बकाया है। मनपा ने इसमें से 1,000 करोड़ रुपए वसूलने की ठान रखी थी। इसके लिए प्रशासन ने 400 कर्मचारियों की पूरी फौज मैदान में उतार दी थी। लेकिन 20 अगस्त से 30 सितंबर तक चले इस अभियान में मनपा के हाथ सिर्फ 40 करोड़ रुपए ही लगे।
अभियान के तहत बकायेदार व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के बैंक खाते फ्रीज करने और उनके नल व सीवर कनेक्शन सीधे काट देने के सख्त निर्देश दिए गए थे। वसूली को हर हाल में कामयाब बनाने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों ने मनपा के कर संग्राहकों की एक खास समीक्षा बैठक भी बुलाई थी।
इस बैठक में मनपा आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर ने सभी 10 जोन के सहायक आयुक्तों, कर संग्राहकों और दूसरे कर्मचारियों से साफ कहा था कि हर जोन कार्यालय बकाया कर की वसूली को सबसे ऊपर रखे। इसके बावजूद लक्ष्मीनगर, नेहरूनगर और मंगलवारी जोन को छोड़कर कोई भी जोन 5 करोड़ रुपए का आंकड़ा पार नहीं कर सका।
सबसे पीछे गांधीबाग और धंतोली जोन रहे। आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर के सख्त निर्देशों के बाद भी गांधीबाग-महल जोन में केवल 1.41 करोड़ रुपए और धंतोली जोन में महज 1.44 करोड़ रुपए की वसूली हो पाई।
जानकारों की मानें तो अब इन दोनों जोन के सहायक आयुक्तों पर कार्रवाई की गाज गिर सकती है। कुछ लोगों का मानना है कि खासकर गांधीबाग जोन में वसूली अभियान के दौरान काफी हद तक राजनीतिक दखलंदाजी होती रही, और इसी वजह से वहां की वसूली पर असर पड़ा। वहीं धंतोली जोन के सहायक आयुक्त की ओर से जरूरत के हिसाब से अभियान को गंभीरता से नहीं लिया गया।