मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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17:46 IST

नागपुर: पांच साल में कुत्तों के काटने के 44,660 मामले, रेबीज से 8 मौतें

मनपा के आंकड़ों में सामने आया कि 2021 से 2025 के बीच शहर में कुत्तों के काटने के मामले लगातार बढ़े हैं, वहीं नसबंदी अभियान के बावजूद हमले कम नहीं हो रहे।

नागपुर: पांच साल में कुत्तों के काटने के 44,660 मामले, रेबीज से 8 मौतें
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

नागपुर में आवारा कुत्तों का खौफ कम होने का नाम नहीं ले रहा। मनपा के आंकड़ों के मुताबिक 2021 से 2025 तक, यानी पांच साल में शहर में कुत्तों ने 44,660 लोगों को काटा। इनमें से 9,946 लोग गंभीर रूप से जख्मी हुए। इसी दौरान रेबीज की वजह से 8 लोगों की जान भी गई। यह आंकड़े 28 सितंबर को मनाए जाने वाले विश्व रेबीज दिवस से ठीक पहले सामने आए हैं, और इनसे साफ पता चलता है कि शहर में रेबीज को रोकने और आवारा कुत्तों पर काबू पाने की चुनौती अभी भी बरकरार है।

साल दर साल आंकड़े देखें तो 2021 में कुत्तों के काटने के 5,800 केस दर्ज हुए, जिनमें 1,484 लोग गंभीर घायल हुए। 2022 में यह संख्या बढ़कर 8,317 हो गई, जिनमें 2,134 गंभीर जख्मी थे। 2023 में 9,110 मामले सामने आए और 1,877 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। 2024 में 9,429 लोगों को कुत्तों ने काटा, जिनमें से 1,841 गंभीर घायल हुए। सबसे ज्यादा मामले 2025 में दर्ज हुए, जब 10,944 लोगों को कुत्तों ने काटा और इनमें से 2,173 लोग गंभीर रूप से जख्मी हुए। यानी पिछले पांच साल में हर साल यह संख्या लगातार बढ़ती गई है।

कुत्तों की तादाद पर लगाम लगाने के लिए मनपा नसबंदी अभियान भी चला रही है। मनपा के मुताबिक पिछले पांच साल में तीन संस्थाओं के जरिए कुल 69,386 कुत्तों की नसबंदी कराई जा चुकी है। लेकिन इतनी बड़ी संख्या में नसबंदी होने के बावजूद कुत्तों के हमलों में कोई कमी नहीं आई, जिससे इस अभियान की असल कामयाबी और आवारा कुत्तों के मैनेजमेंट पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

सिर्फ कुत्ते ही नहीं, शहर में बंदर, गधे और सुअर भी लोगों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। मनपा के आंकड़ों के मुताबिक इन जानवरों के हमलों में भी 6,126 लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज मनपा के अस्पतालों में किया गया।

विश्व रेबीज दिवस के मौके पर पशुसंवर्धन विभाग ने जिले की सभी पशु चिकित्सा संस्थाओं में 28 सितंबर को कुत्तों का मुफ्त रेबीज टीकाकरण करने का फैसला लिया है। पशुसंवर्धन उपायुक्त डॉ. नितिन फुके ने नागरिकों से अपील की है कि रेबीज से बचने के लिए समय पर टीकाकरण कराना और सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।

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