डोंबिवली स्टेशन पर लिफ्ट बंद, बच्चों समेत यात्री 15 मिनट फंसे रहे; फेरीवालों ने निकाला
डोंबिवली पूर्व रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 5 की लिफ्ट अचानक बंद हो गई और बच्चों समेत कई यात्री करीब 15 मिनट अंदर फंसे रहे। फेरीवाला समिति के सदस्य भाऊ पाटील और स्थानीय फेरीवालों की तत्परता से सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
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डोंबिवली पूर्व रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर लगी लिफ्ट अचानक बंद पड़ गई। इसमें छोटे बच्चों के साथ कई यात्री करीब 15 मिनट तक फंसे रहे। लिफ्ट रुकते ही अंदर मौजूद लोगों में डर फैल गया।
सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों को हुई। घबराकर वे रोने लगे, जिससे हालात और भी चिंताजनक हो गए। आखिरकार फेरीवाला समिति के सदस्य भाऊ पाटील और स्थानीय फेरीवालों की मुस्तैदी से सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
मिली जानकारी के मुताबिक, प्लेटफॉर्म नंबर 5 की लिफ्ट में बच्चों समेत कुछ यात्री सफर कर रहे थे, तभी वह अचानक बंद हो गई। लिफ्ट चालू नहीं हो रही थी, इसलिए अंदर फंसे लोगों की फिक्र बढ़ती गई। करीब 15 मिनट तक वे वहीं अटके रहे।
इसी बीच लिफ्ट में फंसी एक महिला ने फेरीवाला समिति के सदस्य भाऊ पाटील को फोन किया। उसने पूरा मामला बताया और फौरन मदद की गुजारिश की। हालात की गंभीरता समझते हुए पाटील ने बिना देर किए स्थानीय फेरीवालों को मौके पर पहुंचने को कहा।
पाटील के कहने पर संदीप जयस्वाल और दूसरे स्थानीय फेरीवाले तुरंत लिफ्ट के पास पहुंचे। उन्होंने अंदर फंसे यात्रियों को बाहर निकालने की कोशिश शुरू की। आखिर उनकी मदद से बच्चों समेत सभी यात्रियों की सुरक्षित रिहाई हो गई।
लिफ्ट से बाहर आने के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली। खासकर डरे हुए बच्चों को बड़ी तसल्ली मिली। ऐन वक्त पर मदद के लिए दौड़े भाऊ पाटील, संदीप जयस्वाल और उनके साथियों की तारीफ हो रही है।
इस घटना में किसी की जान का नुकसान नहीं हुआ। फिर भी यात्रियों की सुविधा के लिए लगाई गई लिफ्ट के अचानक बंद होने से उसकी देखभाल और सुरक्षा पर सवाल उठे हैं। स्टेशन की लिफ्ट का इस्तेमाल बुजुर्ग, दिव्यांग, महिलाएं और बच्चों के साथ सफर करने वाले लोग बड़ी तादाद में करते हैं। इसलिए ऐसी सुविधाओं की नियमित जांच और देखभाल जरूरी है।
डोंबिवली जैसे भीड़भाड़ वाले स्टेशन पर लिफ्ट बंद हो जाए तो यात्रियों को गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए यात्रियों की मांग है कि रेलवे प्रशासन इस घटना का संज्ञान ले और लिफ्ट बंद होने की वजहों की जांच करे।
स्टेशन की लिफ्ट में तकनीकी खराबी आने पर यात्रियों को तुरंत मदद मिल सके, इसके लिए कारगर इमरजेंसी व्यवस्था होना जरूरी है। लिफ्ट के अलार्म, इंटरकॉम और इमरजेंसी संपर्क सिस्टम चालू हैं या नहीं, इसकी नियमित पुष्टि करना भी अहम है।
इस घटना से स्थानीय फेरीवालों की सामाजिक जिम्मेदारी की भावना सामने आई है। फिर भी यात्रियों की सुरक्षा की पहली जिम्मेदारी रेलवे प्रशासन की है। आगे ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए लिफ्ट की नियमित तकनीकी जांच और खराबी होने पर फौरन कार्रवाई करने वाली व्यवस्था की जरूरत जताई जा रही है।