दिवाली से पहले BMC कर्मचारियों को 33,000 रुपये बोनस, महापौर रितू तावडे का ऐलान
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महापौर रितू तावडे ने बुधवार की बैठक के बाद बताया कि बृहन्मुंबई महानगरपालिका के कर्मचारियों को इस साल 33,000 रुपये का दिवाली बोनस मिलेगा।
दिवाली से पहले बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर आई है। बीएमसी की महापौर रितू तावडे ने कर्मचारियों के लिए 33,000 रुपये के दिवाली बोनस का ऐलान किया है। यह फैसला बुधवार को हुई एक अहम बैठक में लिया गया, जिसमें प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे।
महापौर तावडे ने बताया कि बीएमसी के शिक्षा विभाग में कुल 93,509 कर्मचारी और 2,360 शिक्षक काम करते हैं। उन्होंने कहा कि 2024-25 के लिए कर्मचारियों को 31,000 रुपये का बोनस दिया गया था, जबकि उससे पिछले साल यह रकम 32,000 रुपये थी। इस बार कर्मचारियों की मांगों और मौजूदा हालात को देखते हुए बोनस 1,000 रुपये बढ़ाकर 33,000 रुपये कर दिया गया है।
उनके मुताबिक मुंबई में विकास कामों की बढ़ती जिम्मेदारी और कर्मचारियों के योगदान को ध्यान में रखकर यह फैसला हुआ। बैठक में कामगार समिति के अधिकारी मौजूद थे। प्रशासन की तरफ से किशोर गांधी और देविदास क्षीरसागर समेत दूसरे अधिकारी भी शामिल हुए। महापौर ने कहा कि कर्मचारी बोनस बढ़ाने की मांग कर रहे थे, लेकिन मौजूदा आर्थिक हालात पर चर्चा के बाद सभी पक्षों ने इस प्रस्ताव पर सहमति जताई। उन्होंने यह भी कहा कि हर साल करीब 2,000 से 2,500 रुपये बोनस बढ़ाने की परंपरा रही है और कर्मचारियों की मांगें जायज हैं।
महापौर ने कहा कि महाराष्ट्र इस समय कई चुनौतियों से जूझ रहा है, इसलिए सारी बातों को देखकर संतुलित फैसला लिया गया। उनके शब्दों में, "अगर किसान संकट में हैं, तो मुंबई की भी सामाजिक जिम्मेदारी समझने की जिम्मेदारी है।" कर्मचारियों के लिए एक और अहम ऐलान करते हुए उन्होंने बताया कि तनख्वाह और बोनस दोनों 2 नवंबर को एक साथ दिए जाएंगे, ताकि वे दिवाली अच्छे से मना सकें।
बीएमसी स्कूलों में दिए जा रहे घटिया खाने के मुद्दे पर महापौर ने कहा कि अगर ये आरोप सही निकलते हैं, तो संबंधित एनजीओ को सस्पेंड किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों की सेहत से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्कूलों में बच्चों को बांटे जा रहे टैबलेट की क्वालिटी पर उठे सवालों पर उन्होंने कहा कि अगर टैबलेट घटिया हैं, तो बीएमसी आयुक्त इस मामले को गंभीरता से लें। महापौर ने साफ किया कि यह योजना अघाड़ी सरकार के समय शुरू हुई थी और तब भी उन्होंने टैबलेट बांटने के कुछ पहलुओं पर सवाल उठाए थे।
आशा स्वयंसेवकों के बोनस की मांग पर महापौर ने बताया कि एक प्रतिनिधिमंडल उनसे मिला था। वे इस विषय पर बीएमसी आयुक्त से बात करेंगी और कर्मचारियों के हित में सही हल निकालने की कोशिश करेंगी।
कांग्रेस को लेकर पूछे गए एक सवाल पर महापौर ने कहा कि जनता वोट के जरिए अपनी राय रखती है और यही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी पर लोगों का भरोसा चुनाव में दिखाई देता है।
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