दिवाली पर सोना खरीदने से पहले हॉलमार्क और HUID जांचें, कम शुद्धता निकली तो मुआवजा मिलेगा
धनतेरस और दिवाली पर गहने, सिक्के या बिस्किट खरीदने से पहले BIS हॉलमार्क, HUID नंबर और बिल की जांच जरूरी है। शुद्धता कम निकले तो भरपाई का रास्ता भी है।
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धनतेरस और दिवाली पर सोने के गहने, सिक्के या बिस्किट खरीदने की तैयारी है, तो सिर्फ बाजार भाव और डिजाइन देखकर फैसला मत कीजिए। सोने के दाम ऊपर-नीचे होते रहते हैं और खरीदारी में छोटी सी चूक भी भारी पड़ सकती है। इसलिए गहने पर BIS का हॉलमार्क, 6 अंकों का HUID नंबर, सोने का असली वजन और खरीद का बिल जरूर जांच लीजिए। खास बात यह है कि हॉलमार्क वाले गहने की शुद्धता लिखे हुए स्तर से कम निकले, तो नियम के मुताबिक ग्राहक को भरपाई मिलने का रास्ता भी है।
इस वक्त सोने-चांदी के दाम पिछले 6 महीने के सबसे निचले स्तर पर हैं। 29 जनवरी 2026 को सोना प्रति 10 ग्राम 1.93 लाख रुपये के रिकॉर्ड स्तर तक गया था। उसी दौरान चांदी प्रति किलोग्राम 4.20 लाख रुपये तक पहुंची थी। उसके बाद आई गिरावट में सोना करीब 50,000 रुपये और चांदी पूरे 2,25,000 रुपये सस्ती हो चुकी है। ऐसे में धनतेरस और दिवाली की खरीदारी के लिए ग्राहकों को तुलनात्मक रूप से कम दाम पर सोना लेने का मौका मिल सकता है। हालांकि भाव घटे हैं, इसका मतलब यह नहीं कि आगे और घटेंगे ही। खरीदते समय अपना बजट, गहने की जरूरत और उस दिन का असली रेट ध्यान में रखना चाहिए।
शुद्धता जांचने के लिए सबसे पहले गहने पर BIS का हॉलमार्क देखिए। हॉलमार्क पर तीन चीजें होनी चाहिए। पहली, BIS का निशान। दूसरी, सोने का कैरेट और फाइननेस नंबर। तीसरी, अक्षरों और अंकों से बना 6 अंकों का HUID नंबर।
मिसाल के तौर पर 22 कैरेट सोने पर लिखे 22K916 का मतलब है कि गहने में 91.6 फीसदी सोना है। इसी तरह 18 कैरेट सोने पर 18K750 लिखा हो, तो उसकी शुद्धता 75 फीसदी होती है। इसलिए दुकानदार जो कैरेट बताए, वह हॉलमार्क की जानकारी से मेल खाता है या नहीं, यह मिलाकर देख लीजिए। सिर्फ इतने पर मत रुकिए कि गहने पर हॉलमार्क दिख रहा है। यह भी पक्का कीजिए कि नंबर साफ पढ़ा जा रहा है और उसकी आधिकारिक एंट्री मौजूद है।
HUID नंबर BIS Care ऐप पर भी जांचा जा सकता है। इसके लिए मोबाइल में BIS Care ऐप डाउनलोड कीजिए, ऐप खोलकर 'Verify HUID' का विकल्प चुनिए और गहने पर लिखा 6 अंकों का HUID नंबर डालिए। फिर स्क्रीन पर दिखने वाली जानकारी को गहने के हॉलमार्क से मिलाइए। गहने का प्रकार, शुद्धता या दर्ज की गई दूसरी जानकारी मेल न खाए, तो खरीदने से पहले सराफा कारोबारी से सफाई मांगिए। गड़बड़ी दूर न हो, तो सिर्फ दुकानदार के जुबानी भरोसे पर खरीदारी मत कीजिए।
गहना खरीदने के बाद पक्का बिल लेना बहुत जरूरी है। आगे चलकर गहना बदलते, बेचते या शुद्धता की शिकायत करते समय यही बिल काम आता है। बिल में गहने का ब्योरा, सोने का नेट वजन, कैरेट और फाइननेस, लागू सोने का रेट, घड़ाई का शुल्क, लागू GST और कुल देय रकम साफ लिखी होनी चाहिए।
अगर गहने में नग, मोती या दूसरी सजावटी चीजें जड़ी हैं, तो उनका वजन और सोने का असली वजन अलग-अलग समझिए। पूरे गहने का वजन वही नहीं होता जितना उसमें सोना है। इसलिए देखिए कि बिल में सोने का नेट वजन अलग से लिखा है या नहीं। खरीदने से पहले पुराने गहने बदलने और आगे दोबारा बेचने की शर्तें भी दुकानदार से समझ लीजिए। घड़ाई शुल्क वापस मिलता है या नहीं, नग निकालने पर वजन में कितना फर्क पड़ेगा और दोबारा खरीद के वक्त कौन सी कटौती होगी, यह पहले पूछ लेंगे तो आगे उलझन नहीं होगी।
अब सवाल यह कि कम शुद्धता का सोना मिल जाए तो क्या करें। हॉलमार्क वाले गहने पर एक तय शुद्धता का स्तर लिखा होता है। जांच में शुद्धता उस लिखे स्तर से कम निकले, तो ग्राहक को इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे में खरीद का असली बिल, गहने का HUID नंबर और हॉलमार्क की जानकारी संभालकर रखिए। साथ ही BIS से मान्यता प्राप्त Assaying and Hallmarking Centre, यानी सोने की शुद्धता जांचने वाले केंद्र में गहने की जांच करवाइए। यह केंद्र जांच के बाद गहने की पहचान दर्ज वाली जांच रिपोर्ट देता है। इस सेवा के लिए शुल्क लग सकता है।
जांच रिपोर्ट में शुद्धता की कमी साबित हो जाए, तो BIS के पास शिकायत करें या आगे की कार्रवाई के लिए संपर्क करें। BIS के उपभोक्ता संरक्षण नियम के मुताबिक, हॉलमार्क वाले गहने की शुद्धता लिखे स्तर से कम पाई जाए, तो ग्राहक को शुद्धता की कमी से बने अंतर की रकम का दोगुना मुआवजा और जांच शुल्क पाने का हक है। मुआवजे का हिसाब गहने के वजन और पाई गई शुद्धता की कमी पर टिका होता है। लेकिन भरपाई के लिए संबंधित नियमों और सबूतों की शर्तें पूरी करनी होती हैं। इसलिए बिल, जांच रिपोर्ट और गहने पर हॉलमार्क की जानकारी संभालकर रखना जरूरी है।
धनतेरस और दिवाली के समय सोना खरीदना कई भारतीय परिवारों के लिए शुभ माना जाता है। इस दौरान सोने के सिक्के, चेन, अंगूठियां और दूसरे गहने खरीदे जाते हैं। मगर सोने का भाव बड़ा होने से शुद्धता पक्की किए बिना खरीदारी आर्थिक नुकसान की वजह बन सकती है। खरीदने से पहले उस दिन का बाजार भाव देखिए, गहने पर BIS हॉलमार्क और HUID नंबर जांचिए, और देखिए कि सोने का नेट वजन और कैरेट बिल में दर्ज हैं या नहीं। घड़ाई शुल्क, लागू टैक्स और पुराने गहनों की दोबारा खरीद की शर्तें भी समझ लीजिए। शुद्धता पर शक हो तो अधिकृत जांच केंद्र की मदद लीजिए। सस्ते दाम से ज्यादा मायने सोने की असली शुद्धता, साफ बिल और आधिकारिक हॉलमार्क की पक्की जानकारी रखती है।
आगे सोने के दाम को लेकर निवेशकों और ग्राहकों की नजर बनी हुई है। J.P. Morgan Global Research ने जून 2026 में जारी अपने अनुमान में कहा है कि 2026 के अंत तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना प्रति औंस 6,000 डॉलर की ओर जा सकता है। 2027 के अंत तक यह 6,300 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। डॉलर और रुपये की विनिमय दर को देखते हुए भारतीय बाजार में सोने का भाव प्रति 10 ग्राम करीब 2.13 लाख रुपये तक पहुंचने का अंदाजा लगाया गया है। मगर यह संभावित दाम का अनुमान है, पक्की भविष्यवाणी नहीं। दुनिया भर की मांग, भू-राजनीतिक हालात, अमेरिकी केंद्रीय बैंक के ब्याज दर के फैसले और मुद्रा की विनिमय दर में बदलाव से असली भाव अलग हो सकते हैं। इसलिए सिर्फ इस उम्मीद पर खरीदने के बजाय कि आगे भाव बढ़ेंगे, अपनी आर्थिक जरूरत के हिसाब से फैसला लेना ठीक रहेगा।
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